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दीप्ति शर्मा का जीवन परिचय – दीप्ति शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे प्रतिभाशाली और विश्वसनीय ऑलराउंडरों में से एक हैं। 24 अगस्त 1997 को उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मी दीप्ति ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से भारतीय महिला क्रिकेट में एक विशेष स्थान बनाया है। वे बाएं हाथ की बल्लेबाज़ और दाएं हाथ की ऑफ स्पिन गेंदबाज़ हैं जो तीनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन करती हैं।
दीप्ति शर्मा ने केवल 17 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया और तब से भारतीय टीम का अभिन्न हिस्सा बनी हुई हैं। उन्होंने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं जिनमें महिला ODI में 320 रन की सर्वोच्च ओपनिंग पार्टनरशिप और 188 रन की व्यक्तिगत पारी शामिल है। 2025 में उन्होंने भारत को महिला विश्व कप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीप्ति शर्मा का सफर आगरा की गलियों से विश्व कप के मैदान तक का एक प्रेरणादायक सफर है। आज वे न केवल भारतीय महिला टीम की मुख्य ऑलराउंडर हैं बल्कि WPL में सबसे महंगी भारतीय खिलाड़ियों में से एक भी हैं। उनकी कहानी हर युवा लड़की के लिए प्रेरणा है जो क्रिकेट खेलने का सपना देखती है।
| विवरण | जानकारी |
| पूरा नाम | दीप्ति भगवान शर्मा |
| जन्म तिथि | 24 अगस्त 1997 |
| जन्म स्थान | आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत |
| उम्र | 27 वर्ष (2024 में) |
| पिता का नाम | भगवान शर्मा (सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी) |
| माता का नाम | सुशीला शर्मा |
| भाई | सुमित शर्मा (पूर्व क्रिकेटर) |
| भाई-बहन | 7 भाई-बहन (सबसे छोटी) |
| खेल | क्रिकेट |
| बल्लेबाजी शैली | बाएं हाथ की बल्लेबाज़ |
| गेंदबाजी शैली | दाएं हाथ की ऑफ स्पिन गेंदबाज़ |
| भूमिका | ऑलराउंडर |
| घरेलू टीम | उत्तर प्रदेश महिला |
| WPL टीम | UP Warriorz (₹2.6 करोड़) |
| ODI डेब्यू | 28 नवंबर 2014 बनाम दक्षिण अफ्रीका |
| T20I डेब्यू | 20 मार्च 2016 बनाम ऑस्ट्रेलिया |
| टेस्ट डेब्यू | 16 जून 2021 बनाम इंग्लैंड |
| ODI में सर्वोच्च स्कोर | 188 रन (आयरलैंड के खिलाफ) |
| सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी | 6/20 (ODI में श्रीलंका के खिलाफ) |
| प्रमुख उपलब्धि | 2025 महिला विश्व कप विजेता, WPL 2024 MVP |
| पुरस्कार | जगमोहन डालमिया ट्रॉफी (2018), WPL MVP (2024) |
| प्रेरणा | सुरेश रैना |

दीप्ति भगवान शर्मा का जन्म 24 अगस्त 1997 को उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में हुआ। वे सात भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके पिता भगवान शर्मा भारतीय रेलवे में चीफ बुकिंग सुपरवाइजर के पद पर थे और अब रिटायर हो चुके हैं। उनकी माता सुशीला शर्मा गृहिणी हैं।
दीप्ति का परिवार एक मध्यमवर्गीय परिवार है। बड़े परिवार के साथ आर्थिक स्थिति कभी बहुत मजबूत नहीं रही लेकिन परिवार ने हमेशा बच्चों की शिक्षा और खेल को प्राथमिकता दी। दीप्ति के भाई सुमित शर्मा भी क्रिकेटर थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए CK नायडू ट्रॉफी में तेज़ गेंदबाज़ के रूप में खेला।
दीप्ति की क्रिकेट में रुचि बचपन से ही थी। केवल 9 साल की उम्र में जब उनके भाई सुमित प्रैक्टिस के लिए आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम जाते थे तो दीप्ति भी उनके साथ जाती थीं। वे मैदान में घंटों खड़ी रहकर खिलाड़ियों को खेलते देखती थीं और उनसे सीखने की कोशिश करती थीं।
एक दिन प्रैक्टिस के दौरान कोच ने दीप्ति से मजाक में कहा कि वे भी बॉल फेंककर दिखाएं। दीप्ति ने लगभग 50 मीटर की दूरी से सीधे स्टंप पर निशाना लगाया और गेंद सीधे स्टंप पर लगी। यह देखकर सभी हैरान रह गए। उस समय मैदान में भारतीय महिला टीम की पूर्व खिलाड़ी और चयनकर्ता हेमलता कला मौजूद थीं। उन्होंने दीप्ति की प्रतिभा को तुरंत पहचान लिया।

हेमलता कला ने दीप्ति के पिता से बात की और उन्हें दीप्ति को क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। हालांकि शुरुआत में दीप्ति के पिता थोड़े हिचकिचाए क्योंकि उनके परिवार में पहले से ही एक बेटा क्रिकेट खेल रहा था और उसके खर्चे उठाना मुश्किल था। लेकिन माता सुशीला ने दीप्ति का साथ दिया और उन्हें क्रिकेट खेलने दिया।
हेमलता कला ने दीप्ति को रेलवे क्रिकेट कैंप में ले जाना शुरू किया। यहां दीप्ति को औपचारिक प्रशिक्षण मिला। शुरुआत में उम्र कम होने के कारण उन्हें टीम में नहीं चुना जाता था लेकिन हेमलता ने उन्हें अभ्यास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
दीप्ति के भाई सुमित को आर्थिक कारणों से क्रिकेट छोड़नी पड़ी। बाद में उन्होंने एक निजी कंपनी में नौकरी की और फिर उत्तर प्रदेश में एक क्रिकेट कोचिंग कैंप खोला। सुमित ने अपनी बहन दीप्ति को बहुत सपोर्ट किया और उन्हें ट्रेनिंग भी दी।
दीप्ति शुरुआत में दाएं हाथ से बल्लेबाजी करती थीं लेकिन बाद में उन्होंने बाएं हाथ से बल्लेबाजी करना शुरू किया। उनके प्रिय खिलाड़ी सुरेश रैना थे जो भी बाएं हाथ के बल्लेबाज़ थे। दीप्ति ने रैना की बल्लेबाजी की नकल करके अपनी शैली विकसित की।
घरेलू क्रिकेट में दीप्ति का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के लिए खेला। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और जल्द ही उन्हें इंडिया ए टीम में मौका मिला।

28 नवंबर 2014 को केवल 17 साल की उम्र में दीप्ति शर्मा ने बैंगलोर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना ODI डेब्यू किया। यह उनके जीवन का सबसे बड़ा दिन था। डेब्यू मैच में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 35 रन देकर 2 विकेट लिए। यह प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली था।
इस डेब्यू के साथ दीप्ति भारतीय महिला टीम की सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक बन गईं। उनकी उम्र केवल 17 साल और 96 दिन थी। उनके आत्मविश्वास और परिपक्वता ने सबको प्रभावित किया।
20 मार्च 2016 को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दीप्ति ने अपना T20I डेब्यू किया। उन्होंने 4 ओवर में 19 रन देकर 1 विकेट लिया। यह भी एक सफल डेब्यू रहा।
13 मई 2016 को रांची में श्रीलंका के खिलाफ एक ODI मैच में दीप्ति ने इतिहास रच दिया। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 20 रन देकर 6 विकेट लिए। यह किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा ODI में सबसे युवा पांच विकेट हॉल था। उस समय दीप्ति की उम्र केवल 18 साल थी।
यह प्रदर्शन दीप्ति के करियर का एक मील का पत्थर था। उन्होंने साबित कर दिया कि वे केवल बल्लेबाज़ नहीं बल्कि एक घातक गेंदबाज़ भी हैं। 6/20 के आंकड़े उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़े हैं।
2017 का ICC महिला विश्व कप इंग्लैंड में आयोजित हुआ। दीप्ति शर्मा इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम की सबसे युवा सदस्य थीं। यह टूर्नामेंट दीप्ति के करियर का सबसे यादगार टूर्नामेंट बन गया।
15 मई 2017 को डबलिन में आयरलैंड के खिलाफ एक ODI मैच में दीप्ति ने अविश्वसनीय पारी खेली। उन्होंने 160 गेंदों में नाबाद 188 रन बनाए। यह महिला ODI क्रिकेट में तीसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था। इससे पहले केवल ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क (229) और न्यूजीलैंड की अमेलिया केर (232*) ने इससे ज्यादा रन बनाए थे।
इस पारी में दीप्ति ने पूनम राउत के साथ मिलकर 320 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप बनाई। यह महिला ODI क्रिकेट में पहली 300+ रन की पार्टनरशिप थी। यह रिकॉर्ड पुरुष ODI के 286 रन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया। यह महिला और पुरुष दोनों ODI में सर्वोच्च ओपनिंग पार्टनरशिप का रिकॉर्ड था।
2017 विश्व कप में दीप्ति ने 8 मैचों में 216 रन बनाए और 12 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3/59 था। भारत विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा लेकिन इंग्लैंड से 9 रन से हार गया। हालांकि दीप्ति का प्रदर्शन शानदार रहा।

2017-18 सीनियर महिला घरेलू सीजन में दीप्ति बंगाल महिला टीम के लिए खेलीं। उन्हें महान तेज़ गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी के साथ खेलने का मौका मिला। इस सीजन में दीप्ति का प्रदर्शन असाधारण रहा।
दीप्ति ने 6 मैचों में 312 रन बनाए जो औसत 104 थी। उनकी स्ट्राइक रेट 65.13 थी। वे सीजन की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बनीं। उन्होंने 5 अर्धशतक लगाए जिनमें सर्वोच्च स्कोर 77 रन था।
गेंदबाजी में भी दीप्ति ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 9 विकेट लिए। उनके सर्वश्रेष्ठ आंकड़े कोलकाता में विदर्भ के खिलाफ 3/26 थे। इस ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें जून 2018 में बीसीसीआई द्वारा जगमोहन डालमिया ट्रॉफी फॉर बेस्ट डोमेस्टिक सीनियर वुमन क्रिकेटर से सम्मानित किया गया।
2018-19 सीजन में भी दीप्ति का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 6 मैचों में 313 रन बनाए जिसमें 2 शतक और 1 अर्धशतक शामिल थे। उनका सर्वोच्च स्कोर बेंगलुरु में बड़ौदा के खिलाफ नाबाद 106 रन था। गेंदबाजी में उन्होंने 13 विकेट लिए जिनमें सर्वश्रेष्ठ आंकड़े बेंगलुरु में केरल के खिलाफ 4/12 थे।
मई 2021 में दीप्ति को इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय महिला टेस्ट टीम में चुना गया। 16 जून 2021 को ब्रिस्टल में उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया। यह दीप्ति के करियर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव था।
डेब्यू टेस्ट में दीप्ति ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बल्ले से कुल 83 रन बनाए – पहली पारी में नाबाद 29 रन और दूसरी पारी में 54 रन। गेंदबाजी में उन्होंने पहली पारी में 3 विकेट लिए। यह एक सफल टेस्ट डेब्यू रहा।
हालांकि दीप्ति ने अभी तक केवल 5 टेस्ट मैच खेले हैं लेकिन उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 319 रन बनाए हैं और 16 विकेट लिए हैं। उनकी इकॉनमी रेट 2.34 है जो बेहद अच्छी है।
13 फरवरी 2023 को मुंबई में महिला प्रीमियर लीग (WPL) की पहली नीलामी हुई। UP Warriorz ने दीप्ति शर्मा को ₹2.6 करोड़ में खरीदा। यह स्मृति मंधाना के बाद दूसरी सबसे महंगी भारतीय खिलाड़ी थीं। यह दीप्ति के करियर का एक बड़ा पल था।
3 मार्च 2023 को दीप्ति ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ अपना WPL डेब्यू किया। WPL 2023 में दीप्ति UP Warriorz की दूसरी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ रहीं। उन्होंने 9 विकेट लिए।
WPL 2024 सीजन दीप्ति शर्मा के करियर का सबसे शानदार सीजन रहा। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। दीप्ति ने पूरे टूर्नामेंट में 295 रन बनाए जो UP Warriorz में सबसे ज्यादा थे। वे पूरी लीग में चौथी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं।
8 मार्च 2024 को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ दीप्ति ने इतिहास रच दिया। उन्होंने WPL में पहली भारतीय गेंदबाज़ के रूप में हैट्रिक ली। यह WPL इतिहास में दूसरी हैट्रिक थी। उन्होंने शेफाली वर्मा, जेमिमाह रोड्रिग्स और एनाबेल सदरलैंड को लगातार आउट किया।
अपने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए दीप्ति शर्मा को WPL 2024 का मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर (MVP) चुना गया। यह उनके करियर का सबसे बड़ा व्यक्तिगत पुरस्कार था। 2024 की नीलामी में UP Warriorz ने दीप्ति को फिर से ₹2.6 करोड़ में रिटेन किया।

फरवरी 2025 की नीलामी में UP Warriorz ने दीप्ति शर्मा को ₹2.62 करोड़ में फिर से रिटेन किया। वे फिर से दूसरी सबसे महंगी भारतीय खिलाड़ी बनीं। इस बार उन्हें UP Warriorz की कप्तान भी बनाया गया। यह उनके करियर का एक नया अध्याय था।
कप्तान के रूप में दीप्ति ने शानदार नेतृत्व किया। उन्होंने 17 मार्च 2025 को मुंबई इंडियंस के खिलाफ नाबाद 69 रन बनाकर UP Warriorz को जीत दिलाई। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।
2025 का महिला विश्व कप भारत में आयोजित हुआ। यह टूर्नामेंट भारतीय महिला क्रिकेट के लिए सबसे महत्वपूर्ण था। दीप्ति शर्मा इस टूर्नामेंट में भारत की मुख्य ऑलराउंडर थीं।
पूरे टूर्नामेंट में दीप्ति ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार योगदान दिया। उन्होंने महत्वपूर्ण मैचों में विकेट लिए और जरूरत पड़ने पर रन भी बनाए। उनकी स्थिरता और अनुभव टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण था।
2 नवंबर 2025 को मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में फाइनल मैच खेला गया। भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से हुआ। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 299 रन बनाए। दीप्ति ने इस पारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गेंदबाजी में दीप्ति ने फिर से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और विकेट लिए। भारत ने यह मैच 52 रन से जीत लिया और अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीता।
दीप्ति शर्मा विश्व कप विजेता टीम की महत्वपूर्ण सदस्य थीं। पूरे टूर्नामेंट में उनके ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। विश्व कप जीतना दीप्ति के करियर का सबसे बड़ा पल था।
दीप्ति शर्मा बाएं हाथ की बल्लेबाज़ हैं। उनकी बल्लेबाजी की मुख्य विशेषताएं:
दीप्ति दाएं हाथ की ऑफ स्पिन गेंदबाज़ हैं। उनकी गेंदबाजी की खासियतें:
दीप्ति एक अच्छी फील्डर भी हैं। वे कहीं भी फील्ड कर सकती हैं। उनकी फुर्ती और कैच लेने की क्षमता अच्छी है।
24 सितंबर 2022 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे ODI में एक विवादास्पद घटना हुई। दीप्ति शर्मा ने इंग्लैंड की बल्लेबाज़ चार्ली डीन को मैनकैड आउट कर दिया। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत विवाद पैदा किया।
दीन गेंद फेंके जाने से पहले ही क्रीज़ से बाहर आ गई थीं। दीप्ति ने गेंद फेंकने से पहले बेल्स गिरा दीं और अपील की। अंपायर ने दीन को आउट दे दिया। इस घटना के बाद इंग्लैंड के खिलाड़ी और मीडिया ने दीप्ति की बहुत आलोचना की।
हालांकि यह आउट क्रिकेट के नियमों के अनुसार बिल्कुल सही था। ICC ने भी बाद में इसे रन आउट के रूप में वर्गीकृत किया। दीप्ति ने अपने फैसले पर कायम रहते हुए कहा कि उन्होंने नियमों के अनुसार ही खेला।
भारतीय खिलाड़ियों और कोच ने दीप्ति का साथ दिया। हरमनप्रीत कौर ने कहा कि दीप्ति ने बिल्कुल सही किया। यह खेल भावना का सवाल नहीं बल्कि नियमों का पालन था। यह घटना दीप्ति के चरित्र की मजबूती को दर्शाती है।

दीप्ति शर्मा अभी अविवाहित हैं और अपने क्रिकेट करियर पर पूरी तरह फोकस हैं। वे अपने परिवार के बहुत करीब हैं। अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ बहुत समय बिताती हैं।
दीप्ति के भाई सुमित उनके सबसे बड़े सपोर्टर हैं। वे दीप्ति को क्रिकेट की बारीकियां सिखाते हैं और उनकी ट्रेनिंग में मदद करते हैं। सुमित अपनी क्रिकेट अकादमी में युवा खिलाड़ियों को भी ट्रेनिंग देते हैं।
दीप्ति को पढ़ना और संगीत सुनना पसंद है। वे अपने खाली समय में नई जगहों पर घूमने जाती हैं। सोशल मीडिया पर वे अपने परिवार और दोस्तों के साथ की तस्वीरें शेयर करती हैं।
दीप्ति फिटनेस को बहुत महत्व देती हैं। वे नियमित रूप से जिम जाती हैं और योगा करती हैं। उनका मानना है कि फिटनेस किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे जरूरी है।
दीप्ति शर्मा एक विनम्र और जमीन से जुड़ी हुई व्यक्ति हैं। सफलता के बाद भी वे अपनी जड़ों को नहीं भूली हैं। वे आगरा में अक्सर अपने पुराने कोचिंग सेंटर जाती हैं और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करती हैं।
दीप्ति शर्मा महिला क्रिकेट के विकास के लिए सक्रिय रहती हैं। वे युवा लड़कियों को क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। उनका मानना है कि भारत में लड़कियों के लिए क्रिकेट के अवसर बढ़ने चाहिए।
दीप्ति अपने गृहनगर आगरा में कई क्रिकेट कैंप और वर्कशॉप में हिस्सा लेती हैं। वे युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव साझा करती हैं और उन्हें मार्गदर्शन देती हैं।
कोविड-19 महामारी के दौरान दीप्ति ने जरूरतमंदों की मदद की। उन्होंने आगरा में जरूरी सामान और भोजन वितरित करने में मदद की।
दीप्ति शर्मा अभी अपने करियर के चरम पर हैं। वे लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहती हैं। उनका लक्ष्य है कि वे भारत को और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिताब दिलाएं।
दीप्ति अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में और सुधार करना चाहती हैं। वे एक संपूर्ण ऑलराउंडर बनना चाहती हैं जो किसी भी परिस्थिति में टीम की मदद कर सके।
WPL में दीप्ति कप्तान के रूप में UP Warriorz को खिताब जिताना चाहती हैं। वे साबित करना चाहती हैं कि वे एक सफल कप्तान भी हो सकती हैं।
क्रिकेट के बाद दीप्ति कोचिंग करना चाहती हैं। वे युवा लड़कियों को क्रिकेट सिखाना चाहती हैं और भारतीय महिला क्रिकेट के विकास में योगदान देना चाहती हैं।

दीप्ति शर्मा की कहानी हर युवा लड़की के लिए प्रेरणा है। आगरा के एक साधारण परिवार से आकर विश्व कप विजेता बनना आसान नहीं था। लेकिन दीप्ति ने अपनी मेहनत, समर्पण और प्रतिभा से यह कर दिखाया।
दीप्ति युवा लड़कियों से कहती हैं कि सपने बड़े होने चाहिए। उनका मानना है कि अगर मेहनत सच्ची हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने साबित किया कि एक महिला खिलाड़ी भी पुरुष खिलाड़ियों जितनी सफलता हासिल कर सकती है।
दीप्ति माता-पिता से अपील करती हैं कि वे अपनी बेटियों को खेल खेलने का मौका दें। खेल न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक विकास के लिए भी जरूरी है। लड़कियों को भी वही अवसर मिलने चाहिए जो लड़कों को मिलते हैं।
दीप्ति आलोचनाओं से घबराने की बजाय उनसे सीखने की सलाह देती हैं। मैनकैडिंग विवाद के बाद उन्हें बहुत आलोचना सहनी पड़ी लेकिन उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहीं। यह उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है।
दीप्ति शर्मा ने भारतीय महिला क्रिकेट को एक विश्वसनीय ऑलराउंडर दिया है। वे किसी भी परिस्थिति में बल्ले और गेंद से टीम की मदद कर सकती हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
दीप्ति ने साबित किया कि भारतीय महिला खिलाड़ी भी विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। उनका 188 रन का स्कोर और 320 रन की पार्टनरशिप विश्व रिकॉर्ड हैं जो भारतीय महिला क्रिकेट की ताकत को दर्शाते हैं।
दीप्ति ने युवा लड़कियों के लिए रास्ता दिखाया है। उनकी सफलता ने साबित किया कि महिला क्रिकेट में भी करियर बनाया जा सकता है। आज कई युवा लड़कियां दीप्ति को देखकर क्रिकेट खेलने लगी हैं।
2025 विश्व कप जीतने में दीप्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नया युग है और दीप्ति इसकी प्रमुख सदस्य हैं।
दीप्ति शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे संपूर्ण ऑलराउंडरों में से एक हैं। उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। 188 रन की पारी और 6/20 की गेंदबाजी उनकी प्रतिभा को दर्शाती है।
दीप्ति की कहानी आगरा के एक साधारण परिवार से विश्व चैंपियन बनने की प्रेरणादायक यात्रा है। केवल 9 साल की उम्र में क्रिकेट शुरू करने से लेकर 27 साल की उम्र में विश्व कप जीतने तक का सफर बेहद शानदार रहा है।
दीप्ति शर्मा ने साबित किया कि महिला खिलाड़ी भी पुरुष खिलाड़ियों जितनी सफलता हासिल कर सकती हैं। WPL 2024 में MVP बनना और 2025 में विश्व कप जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियां हैं।
दीप्ति शर्मा का नाम हमेशा भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा रहेगा। वे न केवल एक महान खिलाड़ी हैं बल्कि लाखों युवा लड़कियों के लिए रोल मॉडल भी हैं। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।
दीप्ति शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं जो बाएं हाथ की बल्लेबाजी और दाएं हाथ की ऑफ स्पिन गेंदबाजी के लिए जानी जाती हैं।
दीप्ति शर्मा का जन्म 24 अगस्त 1997 को उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में हुआ था।
दीप्ति शर्मा का सर्वोच्च ODI स्कोर 188 रन है जो उन्होंने 2017 में आयरलैंड के खिलाफ बनाया था।
दीप्ति शर्मा ने 28 नवंबर 2014 को केवल 17 वर्ष की उम्र में अपना ODI डेब्यू किया था।
दीप्ति शर्मा का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 6 विकेट देकर 20 रन है जो उन्होंने 2016 में श्रीलंका के खिलाफ लिया था।
दीप्ति शर्मा WPL में UP Warriorz टीम के लिए खेलती हैं और 2025 में टीम की कप्तान भी बनी थीं।
दीप्ति शर्मा ने WPL 2024 में पहली भारतीय गेंदबाज के रूप में हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड बनाया था।
हां, दीप्ति शर्मा WPL 2024 की मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर बनी थीं।
दीप्ति शर्मा को जगमोहन डालमिया ट्रॉफी और WPL MVP जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।
2022 में दीप्ति शर्मा ने इंग्लैंड की खिलाड़ी चार्ली डीन को मैनकैड आउट किया था जो नियमों के अनुसार सही था लेकिन इस पर विवाद हुआ था।
दीप्ति शर्मा की प्रेरणा सुरेश रैना हैं जिनसे प्रेरित होकर उन्होंने बाएं हाथ से बल्लेबाजी करना शुरू किया था।
दीप्ति शर्मा ने 2017 में पूनम राउत के साथ 320 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी की थी।
हां, दीप्ति शर्मा 2025 महिला विश्व कप विजेता भारतीय टीम की प्रमुख सदस्य थीं।
दीप्ति शर्मा ने 16 जून 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था।
दीप्ति शर्मा उत्तर प्रदेश महिला क्रिकेट टीम के लिए घरेलू क्रिकेट खेलती हैं।
दीप्ति शर्मा के भाई सुमित शर्मा हैं जो पहले क्रिकेटर थे और अब कोच के रूप में काम करते हैं।
दीप्ति शर्मा दाएं हाथ की ऑफ स्पिन गेंदबाज हैं जो अपनी सटीकता के लिए जानी जाती हैं।
दीप्ति शर्मा को UP Warriorz टीम ने ₹2.6 करोड़ में खरीदा था।
2017 महिला विश्व कप में दीप्ति शर्मा ने 188 रन की ऐतिहासिक पारी खेली और 12 विकेट भी लिए थे।
दीप्ति शर्मा को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन, अनुशासन और 2025 महिला विश्व कप जीत में योगदान के लिए याद किया जाता है।