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भारतीय क्रिकेट में केएल राहुल का नाम तकनीकी कुशलता और शानदार बल्लेबाजी का पर्याय है। इसके अलावा, उन्हें भारत के सबसे विश्वसनीय विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में जाना जाता है। साथ ही, वे किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। हालांकि, उनकी यात्रा चोटों और आलोचनाओं से भरी रही। फिर भी, उन्होंने हर बार वापसी की और अपनी प्रतिभा साबित की।
इसके अतिरिक्त, राहुल की कहानी कर्नाटक के मंगलुरु और बेंगलुरु से शुरू होती है। वास्तव में, जहां एक शिक्षित परिवार के बेटे ने क्रिकेट को अपना सपना बनाया। लेकिन आज, वे भारतीय क्रिकेट के अहम खिलाड़ी हैं। दरअसल, डेब्यू पर शतक, 199 रन की शानदार पारी, और 2025 इंग्लैंड दौरे पर शतक उनकी महानता का प्रमाण है। इसलिए, उनकी जीवनी हर युवा के लिए प्रेरणा है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | कन्नूर लोकेश राहुल |
| उपनाम | केएल, राहुल |
| जन्म तिथि | 18 अप्रैल 1992 |
| जन्म स्थान | बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत |
| उम्र | 33 वर्ष (दिसंबर 2025 तक) |
| ऊंचाई | 5 फीट 11 इंच (180 सेमी) |
| बल्लेबाजी शैली | दाएं हाथ के बल्लेबाज |
| गेंदबाजी शैली | दाएं हाथ के मध्यम गति (कभी-कभार) |
| भूमिका | विकेटकीपर-बल्लेबाज / शुरुआती बल्लेबाज |
| पिता का नाम | डॉ. के एन लोकेश (सिविल इंजीनियरिंग प्रोफेसर, पूर्व निदेशक NITK) |
| माता का नाम | राजेश्वरी (कॉलेज प्रोफेसर) |
| भाई-बहन | जानकारी उपलब्ध नहीं |
| वैवाहिक स्थिति | विवाहित |
| पत्नी का नाम | एथिया शेट्टी (अभिनेत्री, विवाह 23 जनवरी 2023) |
| संतान | एवारा (बेटी, जन्म 2024) |
| धर्म | हिंदू धर्म |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| मूल निवास | मंगलुरु, कर्नाटक |
| घरेलू टीम | कर्नाटक |
| IPL टीम 2025 | दिल्ली कैपिटल्स |
| IPL मूल्य 2025 | 14 करोड़ रुपये (दिल्ली कैपिटल्स) |
| अंतरराष्ट्रीय शुरुआत | टेस्ट – 26 दिसंबर 2014, वनडे – 14 जून 2016, टी20 – 4 जुलाई 2016 |
| प्रमुख उपलब्धि | डेब्यू पर वनडे शतक (पहले भारतीय), टेस्ट में 199 रन, सबसे तेज टी20 अर्धशतक (14 गेंद) |
| विशेष रिकॉर्ड | वनडे डेब्यू पर शतक, 4 IPL शतक, 20 अंतरराष्ट्रीय शतक (11 टेस्ट, 7 वनडे, 2 टी20) |
| शिक्षा | NITK स्कूल, सेंट एलॉयसियस कॉलेज, जैन यूनिवर्सिटी |
| अनुमानित संपत्ति | लगभग 80-100 करोड़ रुपये |

केएल राहुल का जन्म 18 अप्रैल 1992 को बेंगलुरु, कर्नाटक में हुआ। दरअसल, उनका पूरा नाम कन्नूर लोकेश राहुल है। हालांकि, एक दिलचस्प कहानी है कि उन्हें राहुल नाम कैसे मिला। फिर भी, उनके पिता लोकेश सुनील गावस्कर के बड़े प्रशंसक थे। वास्तव में, जब राहुल का जन्म हुआ, तो पिता ने सोचा कि उन्हें गावस्कर के बेटे रोहन गावस्कर के नाम पर नाम रखेंगे। इसलिए, रोहन को गलती से राहुल समझ लिया और बेटे का नाम राहुल रख दिया। दरअसल, यह भूल ही उनकी पहचान बन गई।
इसके अलावा, राहुल का परिवार बहुत शिक्षित है। साथ ही, उनके पिता डॉ. के एन लोकेश नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर्नाटक (NITK) मंगलुरु में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर और पूर्व निदेशक थे। हालांकि, माँ राजेश्वरी भी कॉलेज में प्रोफेसर थीं। फिर भी, पिता चाहते थे कि राहुल पढ़ाई में ध्यान दें। वास्तव में, शुरुआत में क्रिकेट के प्रति बहुत उत्साही नहीं थे। इसलिए, राहुल को अपने सपने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
इसके अतिरिक्त, राहुल का बचपन मंगलुरु में बीता। दरअसल, वे NITK कैंपस में रहते थे क्योंकि पिता वहां प्रोफेसर थे। हालांकि, बाद में बेंगलुरु शिफ्ट हो गए। फिर भी, मंगलुरु से उनका लगाव आज भी है। वास्तव में, वे कन्नड़ भाषी परिवार से हैं और कन्नड़ संस्कृति से गहराई से जुड़े हैं।
राहुल ने अपनी शुरुआती शिक्षा NITK इंग्लिश मीडियम स्कूल से पूरी की। दरअसल, यह मंगलुरु में था। हालांकि, बाद में सेंट एलॉयसियस कॉलेज से प्री-यूनिवर्सिटी की। फिर भी, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि राहुल ने 11 साल की उम्र में औपचारिक क्रिकेट प्रशिक्षण शुरू किया। वास्तव में, मंगलुरु में कोच सैमुअल जयराज के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया।
इसके अलावा, 12 साल की उम्र में राहुल बेंगलुरु यूनाइटेड क्रिकेट क्लब और मंगलुरु के क्रिकेट क्लबों के लिए खेलने लगे। साथ ही, उनकी प्रतिभा दिखने लगी। हालांकि, गंभीरता से क्रिकेट करियर बनाने के लिए बेंगलुरु जाना जरूरी था। फिर भी, पिता पहले नहीं माने।
इसके अतिरिक्त, राहुल ने बेंगलुरु में जैन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। दरअसल, यहीं से उनका क्रिकेट करियर पटरी पर आया। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि यूनिवर्सिटी ने उन्हें पूरा समर्थन दिया। फिर भी, एक साक्षात्कार में राहुल ने कहा, “मैं हमेशा स्पोर्ट्स डायरेक्टर से पूछता था कि मुझे कितनी क्लासेस अटेंड करनी हैं। उन्होंने कहा कि मैदान पर जाओ और अटेंडेंस की चिंता मत करो। इस तरह के समर्थन ने मुझे अपने खेल पर ध्यान देने की आजादी दी।” वास्तव में, राहुल आज भी जैन यूनिवर्सिटी को अपनी सफलता का श्रेय देते हैं। इसलिए, शिक्षा संस्थानों का समर्थन बहुत महत्वपूर्ण होता है।

2010 में राहुल ने कर्नाटक के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। दरअसल, उस समय वे सिर्फ 18 साल के थे। हालांकि, शुरुआत औसत रही। फिर भी, वे लगातार मेहनत करते रहे। वास्तव में, 2010 अंडर-19 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया।
इसके अलावा, 2013-14 रणजी ट्रॉफी सीजन राहुल के करियर का टर्निंग पॉइंट था। दरअसल, इस सीजन में उन्होंने 1033 रन बनाए। साथ ही, तीन शतक और तीन 90 के स्कोर भी शामिल थे। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण यह था कि फाइनल में उन्हें मैन ऑफ द मैच पुरस्कार मिला। फिर भी, कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफी जीत ली। वास्तव में, यह प्रदर्शन ही उनके लिए राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खोलने वाला था। इसलिए, चयनकर्ताओं ने उन पर ध्यान दिया।
इसके अतिरिक्त, 2014-15 दलीप ट्रॉफी फाइनल में राहुल ने धमाका किया। दरअसल, उन्होंने दोनों पारियों में शतक लगाए। हालांकि, यह बहुत दुर्लभ उपलब्धि थी। फिर भी, यही प्रदर्शन उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टेस्ट टीम में जगह दिलाने वाला था। वास्तव में, राहुल घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते रहे। इसलिए, उनकी तकनीक और संयम पर सबको भरोसा हो गया।
26 दिसंबर 2014 को मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट में राहुल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। दरअसल, यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था। हालांकि, पहली पारी में वे सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए। फिर भी, दूसरी पारी में भी खास कुछ नहीं कर पाए। वास्तव में, यह निराशाजनक शुरुआत थी। इसलिए, कई लोगों ने सवाल उठाए।
इसके अलावा, अगला मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में था। साथ ही, राहुल को एक और मौका मिला। हालांकि, इस बार उन्होंने अपना जवाब बल्ले से दिया। फिर भी, उन्होंने 110 रन बनाकर अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा। दरअसल, यह सिर्फ उनका दूसरा टेस्ट मैच था। वास्तव में, पहले मैच में फेल होने के बाद दूसरे मैच में शतक बनाना बहुत बड़ी बात थी। इसलिए, आलोचक चुप हो गए। साथ ही, राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गजों ने उनकी तकनीक की तारीफ की। फिर भी, यह तो सिर्फ शुरुआत थी।

सिडनी शतक के बाद राहुल का आत्मविश्वास बढ़ गया। दरअसल, अगले चार टेस्ट मैचों में उन्होंने तीन और शतक लगाए। हालांकि, यह शानदार शुरुआत थी। फिर भी, उनमें से दो शतक विदेशी जमीन पर थे। वास्तव में, कोलंबो (श्रीलंका) और किंग्स्टन (वेस्टइंडीज) में शतक बनाए। इसलिए, राहुल को भारत का भविष्य माना जाने लगा। साथ ही, विराट कोहली युग में दूसरा सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बताया जाने लगा।
2013 में राहुल ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ IPL में पदार्पण किया। दरअसल, वे ड्राफ्ट के माध्यम से चुने गए थे। हालांकि, पहले सीजन में ज्यादा मौके नहीं मिले। फिर भी, अगले साल सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 1 करोड़ रुपये में खरीदा। वास्तव में, 2014 और 2015 में SRH के साथ खेले लेकिन खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। इसलिए, 2016 में वापस RCB में आए।

इसके अलावा, 2016 का IPL सीजन राहुल के लिए बहुत खास रहा। दरअसल, उन्होंने 14 मैचों में 397 रन बनाए। साथ ही, शानदार स्ट्राइक रेट के साथ। हालांकि, इसी प्रदर्शन ने उन्हें सीमित ओवरों की टीम में जगह दिलाई। फिर भी, असली धमाका अभी आना बाकी था। वास्तव में, यह सीजन उनके लिए सीमित ओवरों में करियर बनाने का रास्ता खोलने वाला था।
14 जून 2016 को जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में राहुल ने वनडे में पदार्पण किया। दरअसल, यह उनके करियर का सबसे यादगार दिन था। हालांकि, उन्होंने 115 गेंदों पर 100 रन नाबाद बनाए। फिर भी, सबसे दिलचस्प बात यह थी कि उन्होंने अंतिम गेंद पर छक्का लगाकर शतक पूरा किया। वास्तव में, यह पूरे मैच का एकमात्र छक्का था। इसलिए, राहुल पहले और एकमात्र भारतीय बन गए जिसने वनडे डेब्यू पर शतक लगाया।
इसके अतिरिक्त, उसी दौरे पर 4 जुलाई 2016 को टी20 में भी पदार्पण किया। दरअसल, पहले मैच में गोल्डन डक पर आउट हो गए। हालांकि, वेस्टइंडीज दौरे पर जो किया वह इतिहास बन गया। फिर भी, अगस्त 2016 में लॉडर्डेल, फ्लोरिडा में वेस्टइंडीज के खिलाफ राहुल ने सिर्फ 14 गेंदों में 50 रन पूरे किए। वास्तव में, यह किसी भारतीय का सबसे तेज टी20 अर्धशतक था। साथ ही, पूरी पारी में 51 गेंदों पर 110 रन नाबाद बनाए। इसलिए, दुनिया ने राहुल की ताकत देखी। दरअसल, यह 2016 में युवराज सिंह के बाद दूसरा सबसे तेज टी20 अर्धशतक था।
2018 IPL मेगा ऑक्शन में किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) ने राहुल को 11 करोड़ रुपये में खरीदा। दरअसल, यह उनके करियर का टर्निंग पॉइंट था। हालांकि, इस सीजन से 2021 तक राहुल ने लगातार 590+ रन बनाए। फिर भी, सबसे यादगार पल दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ आया।
वास्तव में, 2018 में दिल्ली के खिलाफ राहुल ने 14 गेंदों में 50 रन बनाकर IPL का रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा, यह सबसे तेज IPL अर्धशतक था। साथ ही, पूरी पारी में 51 गेंदों पर 95 रन बनाए। हालांकि, उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबको पसंद आई। फिर भी, बाद के सालों में उनकी स्ट्राइक रेट पर आलोचना भी हुई। इसलिए, राहुल ने एक बार जवाब दिया, “स्ट्राइक रेट बहुत ज्यादा ओवररेटेड है।” दरअसल, यह बयान विवादास्पद रहा।
2020 IPL से पहले राहुल को पंजाब किंग्स का कप्तान बनाया गया। दरअसल, यह उनकी पहली IPL कप्तानी थी। हालांकि, टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई। फिर भी, राहुल ने व्यक्तिगत रूप से शानदार प्रदर्शन किया। वास्तव में, 2020 में 670 रन बनाए जो सीजन में सबसे ज्यादा थे। इसलिए, ऑरेंज कैप भी जीती। साथ ही, 2021 में भी कप्तानी जारी रखी।
दिसंबर 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में राहुल को चोट लगी। दरअसल, नेट में प्रैक्टिस के दौरान घायल हो गए। हालांकि, तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। फिर भी, चौथे टेस्ट में वापसी की लेकिन प्रभाव नहीं डाल पाए। वास्तव में, पांचवें और अंतिम टेस्ट में कुछ खास होना था।
इसके अलावा, चेन्नई में पांचवें टेस्ट में राहुल ने 199 रन की शानदार पारी खेली। साथ ही, यह उनका करियर बेस्ट स्कोर है। हालांकि, दोहरा शतक सिर्फ एक रन से चूक गए। फिर भी, यह पारी तकनीक और संयम का उत्कृष्ट उदाहरण थी। वास्तव में, इस पारी के बाद सबने राहुल की तारीफ की। इसलिए, आज भी यह उनकी सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारियों में गिनी जाती है। दरअसल, कई लोगों को लगता है कि अगर वे 200 बना लेते तो और भी यादगार होता।
2022 IPL मेगा ऑक्शन से पहले दो नई टीमें आईं। दरअसल, लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) उनमें से एक थी। हालांकि, LSG ने राहुल को अपना पहला चयन बनाया। फिर भी, उन्हें टीम का कप्तान और मेंटर भी बनाया गया। वास्तव में, पहले सीजन में ही राहुल ने शानदार बल्लेबाजी की।
इसके अलावा, 2022 सीजन में राहुल ने 616 रन बनाए। साथ ही, LSG को पहले सीजन में ही प्लेऑफ में पहुंचाया। हालांकि, 2023 में चोट के कारण सिर्फ 9 मैच खेल पाए। फिर भी, 2024 में भी कप्तानी की। वास्तव में, LSG के साथ तीन सालों तक जुड़े रहे। इसलिए, 2025 मेगा ऑक्शन से पहले रिलीज कर दिए गए। दरअसल, यह सबको चौंकाने वाला फैसला था।

अक्टूबर-नवंबर 2023 में भारत में वनडे विश्व कप हुआ। दरअसल, राहुल नंबर 5 पर बल्लेबाजी कर रहे थे और विकेटकीपर भी थे। हालांकि, पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने 97 रन नाबाद बनाकर भारत को मुश्किल चेज में जीत दिलाई। फिर भी, यह मैच भारत के टॉप ऑर्डर के ढहने के बाद था। वास्तव में, राहुल ने पारी संभाली और शानदार फिनिशिंग की। इसलिए, सब उनकी तारीफ कर रहे थे।
इसके अतिरिक्त, ग्रुप स्टेज के अंतिम मैच में नीदरलैंड के खिलाफ राहुल ने 62 गेंदों में शतक बनाया। साथ ही, यह भारतीय का सबसे तेज विश्व कप शतक था। हालांकि, दिलचस्प बात यह थी कि उन्होंने रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा। फिर भी, रोहित ने उसी टूर्नामेंट में अफगानिस्तान के खिलाफ 63 गेंदों में शतक बनाया था। वास्तव में, दोनों दोस्तों में यह मज़ेदार प्रतिस्पर्धा थी। दरअसल, राहुल ने पूरे टूर्नामेंट में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।

हालांकि, 19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ राहुल का प्रदर्शन विवादास्पद रहा। दरअसल, उन्होंने 107 गेंदों पर 66 रन बनाए। हालांकि, स्ट्राइक रेट बहुत धीमी थी। फिर भी, भारत ने सिर्फ 240 रन बनाए और 6 विकेट से हार गई। वास्तव में, विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने राहुल की धीमी पारी की कड़ी आलोचना की। इसलिए, यह राहुल के करियर के सबसे विवादास्पद पलों में से एक बन गया। साथ ही, आज भी इस बारे में बहस होती है।
दिसंबर 2024-जनवरी 2025 में भारत ऑस्ट्रेलिया गया। दरअसल, रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में राहुल को ओपनिंग के लिए बुलाया गया। हालांकि, यह उनकी पुरानी स्थिति थी। फिर भी, लंबे समय बाद ओपन कर रहे थे। वास्तव में, ब्रिस्बेन में ड्रॉ मैच में उन्होंने 84 रन बनाए। साथ ही, यह बहुत महत्वपूर्ण पारी थी। इसलिए, राहुल ने साबित किया कि वे अभी भी भरोसेमंद हैं।
जून-जुलाई 2025 में इंग्लैंड दौरे पर राहुल ने शानदार वापसी की। दरअसल, हेडिंगली में पहले टेस्ट में दूसरी पारी में 137 रन बनाए। हालांकि, भारत मैच हार गया। फिर भी, राहुल की पारी सराहनीय थी। वास्तव में, मुश्किल परिस्थितियों में यह शतक बहुत मूल्यवान था।
इसके अलावा, एजबस्टन में दूसरे टेस्ट में फिर से दूसरी पारी में 55 रन बनाए। साथ ही, भारत ने यह मैच जीत लिया। हालांकि, दोनों टेस्ट में दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना दिखाता है कि राहुल दबाव में बेहतर खेलते हैं। फिर भी, यह दौरा उनके लिए सफल रहा। इसलिए, राहुल ने फिर से अपनी जगह मजबूत की।
नवंबर 2024 में LSG ने राहुल को रिलीज कर दिया। दरअसल, यह सबको चौंकाने वाला फैसला था। हालांकि, दिसंबर 2024 IPL मेगा ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 14 करोड़ रुपये में खरीदा। फिर भी, यह राहुल के IPL करियर की पांचवीं टीम है। वास्तव में, राहुल अब तक RCB, SRH, KXIP/PBKS, LSG और DC के लिए खेल चुके हैं। इसलिए, 2025 सीजन में नई शुरुआत होगी। साथ ही, DC के लिए उन्हें विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका मिलेगी। दरअसल, DC को राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ी की जरूरत थी।

राहुल की मुलाकात बॉलीवुड अभिनेत्री एथिया शेट्टी से कुछ साल पहले हुई। दरअसल, एथिया अभिनेता सुनील शेट्टी की बेटी हैं। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते को कई सालों तक निजी रखा। फिर भी, 2019 के आसपास दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने लगीं। वास्तव में, धीरे-धीरे सबको पता चल गया।
इसके अलावा, 23 जनवरी 2023 को खंडाला में सुनील शेट्टी के फार्महाउस में दोनों ने शादी की। साथ ही, यह बहुत निजी समारोह था। हालांकि, सिर्फ 100 मेहमानों को आमंत्रित किया गया था। फिर भी, कई क्रिकेटर और बॉलीवुड सितारे शामिल हुए। वास्तव में, यह बहुत खूबसूरत शादी थी। इसलिए, सोशल मीडिया पर काफी चर्चा रही।
इसके अतिरिक्त, 2024 में राहुल और एथिया को एक बेटी हुई। दरअसल, उसका नाम एवारा है। हालांकि, दोनों ने बेटी को मीडिया से दूर रखने की कोशिश की है। फिर भी, कभी-कभार सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हैं। वास्तव में, राहुल बहुत अच्छे पति और पिता हैं। इसलिए, परिवार उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
केएल राहुल के नाम कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और उपलब्धियां हैं:
| रिकॉर्ड/उपलब्धि | विवरण |
|---|---|
| वनडे डेब्यू पर शतक | पहले और एकमात्र भारतीय (110* vs जिम्बाब्वे, 2016) |
| सबसे तेज टी20 अर्धशतक (भारतीय) | 14 गेंद (51 गेंद में 110* vs वेस्टइंडीज, 2016) |
| सबसे तेज IPL अर्धशतक | 14 गेंद (vs दिल्ली डेयरडेविल्स, 2018) |
| सबसे तेज विश्व कप शतक (भारतीय) | 62 गेंद (vs नीदरलैंड, 2023) |
| टेस्ट करियर बेस्ट | 199 रन (vs इंग्लैंड, चेन्नई, 2016) |
| टेस्ट शतक | 11 शतक (52 मैच, 3256 रन, औसत 34.39) |
| वनडे शतक | 7 शतक (65 मैच, 2934 रन, औसत 48.27) |
| टी20 शतक | 2 शतक (72 मैच, 2265 रन, औसत 37.26) |
| IPL रन | 4000+ रन (132 मैच, औसत 44+) |
| IPL शतक | 4 शतक |
| IPL ऑरेंज कैप | 2020 (670 रन – पंजाब किंग्स कप्तान) |
| IPL कप्तानी | पंजाब किंग्स (2020-2021), लखनऊ सुपर जायंट्स (2022-2024) |
| कुल अंतरराष्ट्रीय रन | 8000+ रन (सभी प्रारूप) |
| विकेटकीपर के रूप में | 100+ डिसमिसल (सभी प्रारूप मिलाकर) |
केएल राहुल का व्यक्तित्व बहुत शांत और संयमित है। दरअसल, मैदान के बाहर वे बहुत सरल और विनम्र हैं। हालांकि, मैदान पर भी वे ज्यादा आक्रामक नहीं दिखते। फिर भी, उनकी बल्लेबाजी तकनीकी रूप से बहुत मजबूत है। वास्तव में, राहुल की खेल शैली क्लासिक और सुंदर है।
इसके अलावा, राहुल की सबसे बड़ी खासियत उनकी तकनीकी कुशलता है। साथ ही, वे सभी तरह की गेंदों को खूबसूरती से खेलते हैं। हालांकि, कभी-कभी उनकी धीमी स्ट्राइक रेट पर आलोचना होती है। फिर भी, टेस्ट क्रिकेट में उनका संयम और धैर्य बहुत मूल्यवान है। वास्तव में, विदेशी परिस्थितियों में वे बहुत भरोसेमंद हैं। इसलिए, कई दिग्गजों ने उनकी तारीफ की है।
इसके अतिरिक्त, राहुल की सबसे बड़ी ताकत उनकी बहुमुखी प्रतिभा है। दरअसल, वे ओपनर, नंबर 3, नंबर 4, नंबर 5, फिनिशर और विकेटकीपर सभी भूमिकाएं निभा सकते हैं। हालांकि, यह उनके लिए वरदान और अभिशाप दोनों रहा है। फिर भी, जहां भी टीम को जरूरत होती है, वहां बल्लेबाजी करते हैं। वास्तव में, इतने लचीले खिलाड़ी दुर्लभ होते हैं। इसलिए, भारतीय टीम प्रबंधन उन पर बहुत भरोसा करता है।
राहुल का करियर हमेशा आसान नहीं रहा। दरअसल, चोटों ने उन्हें कई बार परेशान किया। हालांकि, 2018 में पैंडुलम की चोट, 2021 में एपेंडिक्स का ऑपरेशन, और 2022 में जांघ की चोट ने उनका काफी समय बर्बाद किया। फिर भी, हर बार वे वापस आए। वास्तव में, चोट से उबरना और फिर से फॉर्म में आना बहुत मुश्किल है। इसलिए, राहुल का मानसिक संबल बहुत मजबूत है।
इसके अलावा, राहुल को अक्सर स्ट्राइक रेट के लिए आलोचना मिलती रही है। साथ ही, 2023 विश्व कप फाइनल में उनकी पारी पर काफी बवाल हुआ। हालांकि, कई विशेषज्ञों ने उनका बचाव भी किया। फिर भी, सोशल मीडिया पर आलोचना बहुत तीखी रही। वास्तव में, राहुल हमेशा दबाव में रहते हैं। दरअसल, एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि लोग क्या कहते हैं। लेकिन मैं अपने खेल पर ध्यान देता हूं, बाकी शोर पर नहीं।” इसलिए, यह परिपक्वता दिखाता है।
केएल राहुल की कहानी प्रतिभा, तकनीक और संघर्ष की कहानी है। दरअसल, कर्नाटक के एक शिक्षित परिवार से निकलकर भारतीय क्रिकेट के अहम खिलाड़ी बनना गर्व की बात है। इसके बाद, वनडे डेब्यू पर शतक, 199 रन की शानदार पारी, सबसे तेज टी20 अर्धशतक, और 2025 इंग्लैंड में शतक – यह सब उनकी प्रतिभा का प्रमाण है। हालांकि, चोटें और आलोचनाएं भी खूब झेलीं। फिर भी, हर बार वापसी की।
वास्तव में, राहुल की सबसे बड़ी खासियत उनकी बहुमुखी प्रतिभा है। इसके अलावा, वे किसी भी स्थिति में बल्लेबाजी कर सकते हैं और विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं। साथ ही, तकनीकी रूप से वे बहुत मजबूत हैं। हालांकि, उनकी स्ट्राइक रेट पर बहस होती रहती है। फिर भी, टीम के लिए वे बहुत महत्वपूर्ण हैं।
आज केएल राहुल भारतीय क्रिकेट के वरिष्ठ खिलाड़ियों में हैं। हालांकि, उनका सफर अभी जारी है। साथ ही, 2025 में दिल्ली कैपिटल्स के साथ नई शुरुआत होगी। दरअसल, राहुल अभी भी अपने सर्वश्रेष्ठ के लिए लड़ रहे हैं। इसलिए, आगे और बड़ी उपलब्धियां इंतजार कर रही हैं। वास्तव में, केएल राहुल की कहानी अभी पूरी नहीं हुई है!
कन्नूर लोकेश राहुल। हालांकि, सब उन्हें केएल या सिर्फ राहुल कहते हैं।
दिसंबर 2025 तक 33 वर्ष। दरअसल, जन्म 18 अप्रैल 1992 को हुआ।
पिता सुनील गावस्कर के प्रशंसक थे। साथ ही, रोहन गावस्कर को गलती से राहुल समझ लिया। इसलिए, यह नाम रख दिया।
वनडे डेब्यू पर शतक। दरअसल, पहले और एकमात्र भारतीय (110* vs जिम्बाब्वे, 2016)।
199 रन (vs इंग्लैंड, चेन्नई, 2016)। वास्तव में, सिर्फ एक रन से दोहरा शतक चूक गए।
एथिया शेट्टी (अभिनेत्री, सुनील शेट्टी की बेटी)। दरअसल, 23 जनवरी 2023 को शादी हुई।
एक बेटी – एवारा (2024 में जन्म)।
2025 में दिल्ली कैपिटल्स। हालांकि, पहले RCB, SRH, PBKS, LSG में खेले।
14 करोड़ रुपये (दिल्ली कैपिटल्स)।
पंजाब किंग्स (2020-2021), लखनऊ सुपर जायंट्स (2022-2024)। साथ ही, 2020 में ऑरेंज कैप भी जीती।
14 गेंद (vs वेस्टइंडीज, 2016)। दरअसल, भारतीय का सबसे तेज।
अच्छा, लेकिन फाइनल में विवादित। वास्तव में, 62 गेंद में शतक भी बनाया। फिर भी, फाइनल में धीमी पारी खेली।
20 शतक (11 टेस्ट, 7 वनडे, 2 टी20)। साथ ही, IPL में 4 शतक।
2019 के आसपास। दरअसल, सीमित ओवरों में बहुमुखी भूमिका के लिए।
NITK स्कूल (मंगलुरु), सेंट एलॉयसियस कॉलेज, जैन यूनिवर्सिटी (बेंगलुरु)।
डॉ. के एन लोकेश – NITK मंगलुरु में सिविल इंजीनियरिंग प्रोफेसर और पूर्व निदेशक।
बहुमुखी प्रतिभा और तकनीकी कुशलता। इसलिए, किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकते हैं।
2018 में पैंडुलम, 2021 में एपेंडिक्स, 2022 में जांघ की चोट। फिर भी, हर बार वापसी की।
दो टेस्ट में दो अर्धशतक सहित एक शतक। दरअसल, मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी।
मंगलुरु (मूल), बेंगलुरु (वर्तमान)। साथ ही, कर्नाटक से बहुत जुड़ाव है।