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भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो न केवल अपने बल्ले से बल्कि अपने जज़्बे और दृढ़ निश्चय से देश का नाम रोशन करते हैं। गौतम गंभीर एक ऐसा ही नाम है जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई अविस्मरणीय पल दिए हैं। 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज वे भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में नई पीढ़ी को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
| पूरा नाम | गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) |
| जन्म तिथि | 14 अक्टूबर 1981 |
| जन्म स्थान | नई दिल्ली, भारत |
| ऊंचाई | 5 फीट 9 इंच (175 सेमी) |
| बल्लेबाजी शैली | बाएं हाथ का बल्लेबाज |
| गेंदबाजी शैली | दाएं हाथ का लेग ब्रेक गेंदबाज |
| अंतरराष्ट्रीय डेब्यू | वनडे: 2003, टेस्ट: 2004 |
| अंतिम मैच | 2018 (आईपीएल) |
| पिता का नाम | दीपक गंभीर |
| माता का नाम | सीमा गंभीर |
| पत्नी का नाम | नताशा जैन |
| बच्चे | दो बेटियाँ – अज़ीन और अनाईज़ा |
| वर्तमान भूमिका | भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच (जुलाई 2024 – वर्तमान) |
| कोच के रूप में उपलब्धि | 2025 चैंपियंस ट्रॉफी विजेता, 2025 एशिया कप विजेता |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |

गौतम गंभीर का जन्म 14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली के एक व्यापारी परिवार में हुआ था। उनके पिता दीपक गंभीर एक व्यवसायी थे और माता सीमा गंभीर एक गृहिणी थीं। गौतम के दो बड़े भाई-बहन भी हैं। बचपन से ही गौतम को क्रिकेट का शौक था और वे दिल्ली की गलियों में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला करते थे।
गंभीर ने अपनी स्कूली शिक्षा मॉडर्न स्कूल, नई दिल्ली से पूरी की और बाद में हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने क्रिकेट का अभ्यास भी जारी रखा और सोनेट क्रिकेट क्लब में शामिल हो गए, जहाँ उन्होंने अपने कौशल को निखारा।
गौतम गंभीर ने घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की टीम के लिए खेलना शुरू किया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया और जल्द ही चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। 2003 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम में शामिल किया गया और यहीं से उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत हुई।
शुरुआती दौर में गंभीर को टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। लेकिन अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर उन्होंने धीरे-धीरे टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। 2004 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू भी किया।

गौतम गंभीर के करियर का पहला बड़ा मोड़ 2007 का आईसीसी टी20 विश्व कप था। दक्षिण अफ्रीका में आयोजित इस टूर्नामेंट में गंभीर ने शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मैच में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 75 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिससे भारत ने अपना पहला टी20 विश्व कप जीता। यह पारी उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक मानी जाती है।
गौतम गंभीर के करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारी 2 अप्रैल 2011 को वानखेड़े स्टेडियम में खेली गई। 2011 विश्व कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ जब भारतीय टीम मुश्किल में थी, तब गंभीर ने 97 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने एमएस धोनी के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण साझेदारी की और भारत को 28 साल बाद विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई।
यह पारी गंभीर के धैर्य, दृढ़ता और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है। हालांकि उन्हें 97 रन पर आउट होना पड़ा, लेकिन उनकी नींव पर ही भारत ने विश्व कप जीता।

गौतम गंभीर ने टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी विशेष पहचान बनाई। उन्होंने 58 टेस्ट मैचों में 4000 से अधिक रन बनाए और 9 शतक लगाए। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ उनका प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
2008-09 में न्यूजीलैंड में खेली गई टेस्ट सीरीज में गंभीर ने लगातार तीन शतक लगाए और उन्हें मैन ऑफ द सीरीज का खिताब मिला। 2009 में उन्हें आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन बल्लेबाज का दर्जा मिला, जो किसी भारतीय बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि थी।
आईपीएल में गौतम गंभीर ने दिल्ली डेयरडेविल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेला। कोलकाता नाइट राइडर्स में उन्हें कप्तान बनाया गया और उनकी कप्तानी में टीम ने 2012 और 2014 में दो बार आईपीएल का खिताब जीता।
गंभीर की कप्तानी शैली को बहुत सराहा गया। वे एक आक्रामक और रणनीतिक कप्तान के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौके दिए और टीम को एक मजबूत यूनिट बनाया। आईपीएल में उन्होंने कुल 154 मैच खेले और 4000 से अधिक रन बनाए।

गौतम गंभीर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मजबूत तकनीक के लिए जाने जाते थे। वे बाएं हाथ के बल्लेबाज थे और ओपनिंग करना पसंद करते थे। उनकी मुख्य खूबियां थीं:
गौतम गंभीर ने दिसंबर 2018 में सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। संन्यास के बाद उन्होंने क्रिकेट कमेंट्री और विश्लेषण का काम शुरू किया। 2019 में उन्हें दिल्ली कैपिटल्स का मेंटर नियुक्त किया गया और उनके मार्गदर्शन में टीम ने आईपीएल 2020 में फाइनल तक का सफर तय किया।
2022 और 2023 में गंभीर ने लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर के रूप में काम किया। इसके बाद 2024 में वे अपनी पुरानी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में वापस लौटे और टीम को तीसरा आईपीएल खिताब दिलाया।

9 जुलाई 2024 को गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया। वे राहुल द्रविड़ के उत्तराधिकारी बने, जिनके कार्यकाल में भारत ने 2024 टी20 विश्व कप जीता था। गंभीर की नियुक्ति 31 दिसंबर 2027 तक के लिए की गई है।
गंभीर के कोचिंग कार्यकाल की शुरुआत श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज से हुई, जिसे भारत ने 3-0 से जीता। हालांकि, उनके कार्यकाल में मिली-जुली सफलता मिली:
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत ने गंभीर को एक विशेष क्लब में शामिल कर दिया – वे खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले केवल पांचवें व्यक्ति बन गए (राहुल द्रविड़, डैरेन लेहमन, जेफ मार्श और गैरी कर्स्टन के साथ)।
गंभीर की कोचिंग शैली आक्रामक क्रिकेट खेलने, युवा खिलाड़ियों को मौके देने और टीम भावना को बढ़ावा देने पर आधारित है। उनका आगामी चुनौती 2026 टी20 विश्व कप और 2027 वनडे विश्व कप में भारत को सफलता दिलाना है।

गौतम गंभीर ने 2011 में नताशा जैन से शादी की। नताशा एक व्यवसायी परिवार से हैं और दोनों की पहली मुलाकात दोस्तों के माध्यम से हुई थी। गंभीर और नताशा के दो प्यारी बेटियां हैं – अज़ीन और अनाईज़ा। गंभीर अपने परिवार के बहुत करीब हैं और अपने व्यस्त शेड्यूल के बावजूद परिवार के साथ समय बिताने का प्रयास करते हैं।
मैदान के बाहर गंभीर एक शांत और संयमित व्यक्तित्व के धनी हैं। हालांकि मैदान पर वे बेहद आक्रामक और जुझारू दिखते हैं, लेकिन निजी जीवन में वे काफी विनम्र और परिवार-प्रेमी हैं।
गौतम गंभीर क्रिकेट के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने गौतम गंभीर फाउंडेशन की स्थापना की है, जो गरीब और वंचित बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए काम करता है। उन्होंने शहीदों के परिवारों की मदद करने के लिए भी कई पहल की हैं।
2019 में गौतम गंभीर ने राजनीति में प्रवेश किया और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए। उन्होंने पूर्वी दिल्ली से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। सांसद के रूप में उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास के लिए कई कार्य किए।
| प्रारूप | मैच | रन | औसत | शतक | अर्धशतक | उच्चतम स्कोर |
|---|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 58 | 4154 | 41.95 | 9 | 22 | 206 |
| वनडे | 147 | 5238 | 39.68 | 11 | 34 | 150* |
| टी20 अंतरराष्ट्रीय | 37 | 932 | 27.41 | 0 | 6 | 75 |
| आईपीएल | 154 | 4217 | 31.23 | 0 | 36 | 93 |
| वर्ष | उपलब्धि |
|---|---|
| 2007 | आईसीसी टी20 विश्व कप विजेता (फाइनल में 75 रन) |
| 2008 | पद्म श्री (भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) |
| 2008 | अर्जुन पुरस्कार |
| 2009 | आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन बल्लेबाज |
| 2009 | आईसीसी वनडे प्लेयर ऑफ द ईयर |
| 2011 | आईसीसी वनडे विश्व कप विजेता (फाइनल में 97 रन) |
| 2012 | आईपीएल विजेता कप्तान (कोलकाता नाइट राइडर्स) |
| 2014 | आईपीएल विजेता कप्तान (कोलकाता नाइट राइडर्स) |
| 2024 | आईपीएल विजेता मेंटर (कोलकाता नाइट राइडर्स) |
| 2025 | आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी विजेता (मुख्य कोच के रूप में) |
| 2025 | एशिया कप विजेता (मुख्य कोच के रूप में) |
| रिकॉर्ड | विवरण |
|---|---|
| लगातार शतक | न्यूजीलैंड में तीन लगातार टेस्ट शतक (2008-09) |
| सबसे तेज़ 1000 रन | टी20 अंतरराष्ट्रीय में 28 पारियों में 1000 रन (उस समय का रिकॉर्ड) |
| विश्व कप फाइनल | दो विश्व कप फाइनल में 50+ स्कोर करने वाले पहले भारतीय |
| आईपीएल में 4000 रन | आईपीएल इतिहास में 4000 रन बनाने वाले खिलाड़ी |
| खिलाड़ी और कोच | खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले पांचवें व्यक्ति |
| मैन ऑफ द सीरीज | कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सीरीज में मैन ऑफ द सीरीज |
गौतम गंभीर का करियर पूरी तरह विवादों से मुक्त नहीं रहा। मैदान पर उनका आक्रामक रवैया कई बार विवादों का कारण बना। शाहिद अफरीदी, विराट कोहली और अन्य खिलाड़ियों के साथ उनकी झड़पें काफी चर्चित रहीं। हालांकि, गंभीर ने हमेशा अपने खेल भावना की रक्षा की और माना कि वे मैदान पर अपनी टीम के लिए लड़ते हैं।
करियर के मध्य में उन्हें फॉर्म की समस्या का सामना करना पड़ा और कई बार टीम से बाहर भी होना पड़ा। लेकिन हर बार वे मेहनत और दृढ़ संकल्प से वापसी करते रहे।
गौतम गंभीर की कहानी संघर्ष और सफलता की अद्भुत मिसाल है। दिल्ली की गलियों से निकलकर विश्व विजेता टीम का हिस्सा बनना और फिर भारतीय टीम का कोच बनना – यह सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने साबित किया कि प्रतिभा के साथ-साथ मेहनत, अनुशासन और टीम भावना भी जरूरी है।
युवा क्रिकेटरों के लिए गंभीर एक रोल मॉडल हैं। उनका मानना है कि व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा महत्वपूर्ण टीम की सफलता है। उन्होंने अपने करियर में यह बात बार-बार साबित की।
गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट के उन महान खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने देश को दो विश्व कप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जुझारू भावना, दृढ़ संकल्प और टीम के प्रति समर्पण उन्हें एक विशेष खिलाड़ी बनाता है।
खिलाड़ी के रूप में संन्यास के बाद, गंभीर ने कोचिंग में भी सफलता हासिल की। जुलाई 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने के बाद उन्हें शुरुआत में चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित की। वे अब खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले दुनिया के केवल पांचवें व्यक्ति हैं।
गंभीर की कहानी यह सिखाती है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि कठिन परिश्रम, समर्पण और सही मानसिकता से मिलती है। वे न केवल एक महान क्रिकेटर हैं, बल्कि एक अच्छे इंसान और समाज सेवक भी हैं। भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान – खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में – हमेशा याद रखा जाएगा।
गौतम गंभीर का जन्म 14 अक्टूबर 1981 को नई दिल्ली, भारत में हुआ था।
गौतम गंभीर ने 2003 में वनडे और 2004 में टेस्ट क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया।
2011 विश्व कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ उनकी 97 रन की पारी उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारी मानी जाती है।
गौतम गंभीर ने दो विश्व कप जीते हैं – 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप।
गौतम गंभीर ने दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए आईपीएल में खेला।
गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2012 और 2014 में दो बार आईपीएल का खिताब जीता।
गौतम गंभीर ने दिसंबर 2018 में सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की।
गौतम गंभीर वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच हैं। इसके अलावा वे लोकसभा सांसद भी हैं।
गौतम गंभीर की पत्नी का नाम नताशा जैन है। उनकी शादी 2011 में हुई थी।
गौतम गंभीर की दो बेटियां हैं – अज़ीन और अनाईज़ा।
गौतम गंभीर को 2008 में पद्म श्री, 2008 में अर्जुन पुरस्कार और 2009 में आईसीसी वनडे प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार मिला है।
गौतम गंभीर ने 58 टेस्ट मैचों में 4154 रन बनाए, जिसमें 9 शतक शामिल हैं।
गौतम गंभीर ने 147 वनडे मैच खेले और 5238 रन बनाए।
गौतम गंभीर 2009 में आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन बल्लेबाज बने, जो किसी भारतीय के लिए बड़ी उपलब्धि थी।
गौतम गंभीर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़े हैं और 2019 में पूर्वी दिल्ली से लोकसभा सांसद चुने गए।
गौतम गंभीर फाउंडेशन गरीब और वंचित बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए काम करता है। यह शहीदों के परिवारों की मदद भी करता है।
गौतम गंभीर बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज थे। वे मुख्य रूप से ओपनर की भूमिका में खेलते थे और अपनी मजबूत तकनीक के लिए जाने जाते थे।
गौतम गंभीर ने 9 जुलाई 2024 को भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में पदभार संभाला। उनका पहला सीरीज श्रीलंका के खिलाफ था जो 27 जुलाई 2024 से शुरू हुई।
गौतम गंभीर भारतीय टीम में नंबर 5 जर्सी पहनते थे।
कोच के रूप में गंभीर की पहली बड़ी उपलब्धि 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीतना है। भारत ने 9 मार्च 2025 को दुबई में न्यूजीलैंड को हराकर यह खिताब जीता। इसके साथ ही गंभीर खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले पांचवें व्यक्ति बन गए।