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मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट के सबसे घातक और विश्वसनीय तेज़ गेंदबाजों में से एक हैं। 3 सितंबर 1990 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सरायमीर गांव में जन्मे शमी ने अपनी असाधारण गेंदबाजी से भारतीय क्रिकेट में एक अलग पहचान बनाई है। वे अपनी तेज़ गति, रिवर्स स्विंग और डेथ ओवर में घातक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं।
शमी ने 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और तब से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने टेस्ट में 229 विकेट और ODI में 206 विकेट लिए हैं। 2023 विश्व कप में उन्होंने 24 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने का खिताब जीता और विश्व कप इतिहास में 50 विकेट लेने वाले सबसे तेज़ गेंदबाज़ बने।
शमी की गेंदबाजी में जो बात सबसे खास है वह है उनकी सीम पोजीशन और रिवर्स स्विंग की महारत। वे गेंद को दोनों तरफ घुमा सकते हैं और पुरानी गेंद से भी तेज़ रिवर्स स्विंग निकाल लेते हैं। उनकी स्पीड 135-145 किमी प्रति घंटा के बीच रहती है। भारतीय क्रिकेट में शमी ने जहीर खान और जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर एक शानदार तेज़ गेंदबाजी आक्रमण तैयार किया है।
| विवरण | जानकारी |
| पूरा नाम | मोहम्मद शमी अहमद |
| जन्म तिथि | 3 सितंबर 1990 |
| जन्म स्थान | सरायमीर, अमरोहा, उत्तर प्रदेश, भारत |
| उम्र | 34 वर्ष (2024 में) |
| पिता का नाम | तौसीफ अली |
| माता का नाम | अंजुम आरा |
| भाई | हसीन जमाल, अल्लाह रखा |
| पूर्व पत्नी | हसीन जहां (मॉडल) |
| बच्चे | आइरा शमी (बेटी) |
| खेल | क्रिकेट |
| बल्लेबाजी शैली | दाएं हाथ का बल्लेबाज़ |
| गेंदबाजी शैली | दाएं हाथ का तेज़ गेंदबाज़ |
| भूमिका | तेज़ गेंदबाज़ |
| घरेलू टीम | बंगाल |
| IPL टीम | सनराइजर्स हैदराबाद (₹10 करोड़) |
| ODI डेब्यू | 13 जनवरी 2013 बनाम पाकिस्तान |
| टेस्ट डेब्यू | 6 नवंबर 2013 बनाम वेस्टइंडीज |
| T20I डेब्यू | 31 मार्च 2014 बनाम इंग्लैंड |
| टेस्ट मैच | 64 मैच |
| टेस्ट विकेट | 229 विकेट |
| ODI मैच | 108 मैच |
| ODI विकेट | 206 विकेट |
| प्रमुख उपलब्धि | 2023 विश्व कप सर्वाधिक विकेट (24 विकेट), 2025 चैंपियंस ट्रॉफी विजेता |
| सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी | 6/56 (टेस्ट), 7/57 (ODI) |
| विशेषता | रिवर्स स्विंग, डेथ ओवर विशेषज्ञ |

मोहम्मद शमी अहमद का जन्म 3 सितंबर 1990 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सरायमीर नामक छोटे से गांव में हुआ। उनका परिवार एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार है। शमी के पिता तौसीफ अली एक किसान थे जो गांव में खेती करते थे। उनकी माता अंजुम आरा गृहिणी हैं।
शमी के दो बड़े भाई हैं – हसीन जमाल और अल्लाह रखा। हसीन जमाल भी क्रिकेट खेलते थे और शमी को क्रिकेट सिखाने में उनकी बड़ी भूमिका रही। बचपन में शमी अपने भाइयों के साथ गांव में क्रिकेट खेला करते थे।
शमी का परिवार क्रिकेट प्रेमी था। उनके पिता चाहते थे कि शमी भी क्रिकेटर बनें। लेकिन गांव में अच्छी सुविधाएं नहीं थीं। शमी की प्रतिभा को देखते हुए उनके परिवार ने उन्हें बेहतर ट्रेनिंग के लिए कोलकाता भेजने का फैसला किया।
14 साल की उम्र में शमी अपने बड़े भाई के साथ कोलकाता चले गए। कोलकाता में शमी मोहन बागान स्पोर्ट्स क्लब में शामिल हो गए। यहां उन्हें पहली बार लेदर बॉल से खेलने का मौका मिला। शमी की प्रतिभा को देखकर कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी ने उन्हें ट्रेनिंग देना शुरू किया।
कोलकाता में शुरुआती दिन बहुत कठिन थे। शमी और उनके भाई एक छोटे से कमरे में रहते थे। पैसों की कमी थी लेकिन शमी ने हार नहीं मानी। वे रोज़ सुबह 4 बजे उठकर प्रैक्टिस के लिए जाते थे। उनकी मेहनत और समर्पण ने धीरे-धीरे रंग लाना शुरू किया।
मोहम्मद शमी ने बंगाल की अंडर-19 टीम के लिए खेलना शुरू किया। उनकी तेज़ गेंदबाजी और विकेट लेने की क्षमता ने सबका ध्यान खींचा। 2010 में शमी ने बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया।
2012-13 का रणजी ट्रॉफी सीजन शमी के करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया। इस सीजन में उन्होंने केवल पांच मैचों में 28 विकेट लिए जो औसत 21.35 थी। उनमें मध्य प्रदेश और हैदराबाद के खिलाफ दो 10-विकेट हॉल भी शामिल थे।
मध्य प्रदेश के खिलाफ मैच में शमी ने पहली पारी में 43.5 ओवर में 78 रन देकर 6 विकेट लिए। दूसरी पारी में 31 ओवर में 61 रन देकर 4 विकेट लिए। कुल मिलाकर उन्होंने 10 विकेट लिए जो उनका पहला 10-विकेट हॉल था।
हैदराबाद के खिलाफ भी शमी ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 11 विकेट लिए। इस मैच में उनकी औसत 15 से भी कम थी।
इस शानदार घरेलू प्रदर्शन ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। शमी को इंडिया ए टीम में चुना गया। यहां भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। जल्द ही उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ ODI श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में चुना गया।

13 जनवरी 2013 को चेन्नई में पाकिस्तान के खिलाफ मोहम्मद शमी ने अपना ODI डेब्यू किया। यह उनके जीवन का सबसे बड़ा दिन था। शमी ने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 9 ओवर में केवल 23 रन देकर 1 विकेट लिया। उनके 4 ओवर मेडेन थे।
यह प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली था। शमी डेब्यू ODI में चार या अधिक मेडेन ओवर फेंकने वाले पहले भारतीय और आठवें गेंदबाज़ बने। भारत ने यह मैच 10 रन से जीत लिया। शमी की किफायती गेंदबाजी ने भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

6 नवंबर 2013 को सचिन तेंदुलकर के 200वें और अंतिम टेस्ट मैच में मोहम्मद शमी ने अपना टेस्ट डेब्यू किया। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया।
शमी ने डेब्यू टेस्ट में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली पारी में 34 ओवर में 94 रन देकर 4 विकेट लिए। दूसरी पारी में 23.5 ओवर में 52 रन देकर 5 विकेट लिए। कुल मिलाकर उन्होंने 9 विकेट लिए।
यह डेब्यू टेस्ट में किसी भारतीय तेज़ गेंदबाज़ द्वारा सबसे ज्यादा विकेट थे। इससे पहले इरफान पठान ने 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ 7 विकेट लिए थे। शमी ने उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारत ने यह मैच पारी और 126 रन से जीत लिया।
2014 का साल शमी के करियर में बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस साल उन्होंने खुद को भारत के प्रमुख तेज़ गेंदबाजों में से एक साबित किया।
5 मार्च 2014 को शमी ODI में 50 विकेट लेने वाले दूसरे सबसे तेज़ भारतीय गेंदबाज़ बने। उन्होंने केवल 29 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की। उनसे तेज़ केवल अजीत अगरकर थे जिन्होंने 23 मैचों में 50 विकेट पूरे किए थे।
इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू ODI श्रृंखला में शमी ने 8 विकेट लिए जो औसत 24.16 थी। पांचवें ODI में उन्होंने डेथ ओवर में शानदार गेंदबाजी की। उनकी सटीक लाइन और लेंथ और मिडल स्टंप पर यॉर्कर ने सबको प्रभावित किया। क्रिकेट के जानकारों ने उन्हें भारतीय गेंदबाजी का भविष्य बताया।
अक्टूबर 2014 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शमी ने 10 विकेट लिए जो औसत 17.40 थी। श्रृंखला के दूसरे ODI में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन दिया। उन्होंने 9.3 ओवर में 36 रन देकर 4 विकेट लिए।
2014 में शमी के शानदार प्रदर्शन के लिए ICC ने उन्हें वर्ल्ड ODI XI में चुना। यह उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान था।
2015 का ICC विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में आयोजित हुआ। शमी इस टूर्नामेंट में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। भारतीय टीम में युवराज सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी मौजूद थे जिन्होंने टीम को मार्गदर्शन दिया।
शमी ने टूर्नामेंट में कुल 17 विकेट लिए जो औसत 17.29 थी। वे भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे। उनकी इकॉनमी रेट 4.82 थी जो बेहद प्रभावशाली थी।
6 मार्च 2015 को पर्थ में वेस्टइंडीज के खिलाफ शमी ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 8 ओवर में 35 रन देकर 3 विकेट लिए। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने यह मैच 257 रन से जीत लिया।
भारत सेमीफाइनल तक पहुंचा लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार गया। हालांकि शमी का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा। उन्होंने साबित कर दिया कि वे बड़े टूर्नामेंट में भी प्रदर्शन कर सकते हैं।
मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट में खुद को भारत के सबसे भरोसेमंद तेज़ गेंदबाजों में से एक साबित किया। उन्होंने घरेलू और विदेशी दोनों परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया।
दक्षिण अफ्रीका में शमी का प्रदर्शन हमेशा शानदार रहा है। जनवरी 2018 में जोहान्सबर्ग में तीसरे टेस्ट में शमी ने इतिहास रच दिया। दक्षिण अफ्रीका ने 241 रन का पीछा किया लेकिन शमी ने उन्हें रोक दिया।
शमी ने दूसरी पारी में 12 ओवर में 28 रन देकर 5 विकेट लिए। यह प्रदर्शन बेहद शानदार था। भारत ने यह मैच 63 रन से जीत लिया। यह जोहान्सबर्ग में भारत की पहली जीत थी।
अगले दौरे 2019 में सेंचुरियन में शमी ने फिर कमाल किया। उन्होंने पूरे मैच में 8 विकेट लिए। भारत ने पहला टेस्ट 113 रन से जीत लिया। शमी की गेंदबाजी ने भारत को यह ऐतिहासिक जीत दिलाई।
दिसंबर 2021 में शमी 200 टेस्ट विकेट लेने वाले तीसरे सबसे तेज़ भारतीय तेज़ गेंदबाज़ बने। उन्होंने यह उपलब्धि 55 मैचों में हासिल की। उनसे तेज़ केवल कपिल देव (50 मैच) और जसप्रीत बुमराह (49 मैच) थे।
यह उपलब्धि शमी की निरंतरता और गुणवत्ता को दर्शाती है। उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में लगातार प्रदर्शन किया। उनकी टेस्ट औसत 27.71 है जो बेहद अच्छी है।
2019 का ICC विश्व कप इंग्लैंड में आयोजित हुआ। शमी शुरुआत में पहली पसंद नहीं थे लेकिन भुवनेश्वर कुमार की चोट के कारण उन्हें टीम में मौका मिला।
शमी ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने टूर्नामेंट में 14 विकेट लिए जो औसत 16.85 थी। उनकी स्ट्राइक रेट 22.7 थी जो बेहद प्रभावशाली थी।
22 जून 2019 को साउथैम्प्टन में अफगानिस्तान के खिलाफ शमी ने इतिहास रच दिया। मैच के आखिरी ओवर में शमी ने हैट्रिक ली। उन्होंने शहजाद, गुलबदीन नैब और मुजीब उर रहमान को लगातार तीन गेंदों पर आउट किया।
यह विश्व कप में किसी भारतीय गेंदबाज़ द्वारा दूसरी हैट्रिक थी। इससे पहले 1987 में चेतन शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हैट्रिक ली थी। शमी हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय तेज़ गेंदबाज़ बने।
भारत ने यह मैच 11 रन से जीत लिया। शमी की हैट्रिक ने भारत को महत्वपूर्ण जीत दिलाई।
23 जनवरी 2019 को शमी ODI में 100 विकेट लेने वाले सबसे तेज़ भारतीय गेंदबाज़ बने। उन्होंने केवल 56 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने अजीत अगरकर (58 मैच) और कपिल देव (62 मैच) के रिकॉर्ड तोड़ दिए।
2023 का ICC विश्व कप भारत में आयोजित हुआ। यह शमी के करियर का सबसे शानदार टूर्नामेंट साबित हुआ। शमी शुरुआत में पहली XI में नहीं थे लेकिन हार्दिक पांड्या की चोट के कारण उन्हें तीसरे मैच से मौका मिला। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम शानदार फॉर्म में थी।
शमी ने केवल 7 मैचों में 24 विकेट लिए जो औसत 10.70 थी। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लिए। उनकी इकॉनमी रेट 5.26 थी और स्ट्राइक रेट 12.20 थी। ये आंकड़े अविश्वसनीय थे।
शमी एक विश्व कप में सबसे कम मैचों (7) में 20 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज़ बने। उन्होंने श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन (2007) और ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क (2019) के रिकॉर्ड तोड़ दिए।
शमी विश्व कप इतिहास में 50 विकेट लेने वाले सबसे तेज़ गेंदबाज़ बन गए। उन्होंने केवल 17 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क के नाम यह रिकॉर्ड था जिन्होंने 19 मैचों में 50 विकेट लिए थे।
2023 विश्व कप में शमी ने तीन बार पांच विकेट हॉल लिया। यह एक विश्व कप में सबसे ज्यादा पांच विकेट हॉल का रिकॉर्ड है। श्रीलंका, श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने यह कारनामा किया।
12 नवंबर 2023 को मुंबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में शमी ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 9.4 ओवर में 57 रन देकर 7 विकेट लिए। यह विश्व कप सेमीफाइनल में किसी भी गेंदबाज़ द्वारा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन था।
भारत सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को केवल 327 रन में रोककर 70 रन से जीत गया। फाइनल में भारत ऑस्ट्रेलिया से हार गया लेकिन शमी का प्रदर्शन यादगार रहा।

मोहम्मद शमी को 2011 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL नीलामी में खरीदा। हालांकि उन्होंने केवल एक मैच खेला। 2013 में उन्हें दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने खरीदा।
2014 में किंग्स XI पंजाब (अब पंजाब किंग्स) ने शमी को ₹2.25 करोड़ में खरीदा। यहां शमी ने अच्छा प्रदर्शन किया। 2016 तक वे इस टीम के साथ रहे। उन्होंने पंजाब के लिए कुल 13 विकेट लिए।
2018 में दिल्ली ने शमी को ₹3 करोड़ में वापस खरीदा। हालांकि उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा और 2019 में उन्हें रिलीज कर दिया गया।

2022 में नई टीम गुजरात टाइटन्स ने शमी को ₹6.25 करोड़ में खरीदा। यह शमी के IPL करियर का सबसे सफल दौर साबित हुआ। शमी गुजरात की गेंदबाजी आक्रमण के लीडर बने।
IPL 2022 में शमी ने 16 मैचों में 20 विकेट लिए जो औसत 22.25 थी। उन्होंने हार्दिक पांड्या की कप्तानी में गुजरात टाइटन्स को पहला IPL खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
IPL 2024 में शमी को अकिलीज टेंडन की चोट के कारण पूरा सीजन मिस करना पड़ा। IPL 2025 की नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें ₹10 करोड़ में खरीदा।
2015 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला के दौरान शमी को घुटने की चोट लगी। उन्हें सर्जरी करानी पड़ी और लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। यह उनके करियर का सबसे कठिन समय था।
शमी ने हार नहीं मानी। उन्होंने कड़ी मेहनत की और फिटनेस पर काम किया। 2016 में वे वापस आए और फिर से शानदार प्रदर्शन करने लगे।
2023 विश्व कप के बाद शमी को फिर से चोट लगी। उन्हें अकिलीज टेंडन की सर्जरी करानी पड़ी। पूरे 2024 में वे क्रिकेट से दूर रहे। लेकिन 2025 की शुरुआत में वे फिर से फिट हो गए और भारतीय टीम में वापसी की।
मार्च 2025 में पाकिस्तान और दुबई में ICC चैंपियंस ट्रॉफी आयोजित हुई। शमी चोट से उबरने के बाद भारतीय टीम में वापस आए। यह टूर्नामेंट शमी की वापसी का गवाह बना।
शमी ने टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण विकेट लिए। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने शानदार गेंदबाजी की। रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अर्शदीप सिंह के साथ मिलकर शमी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत बनाया। भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीत ली और शमी एक और ICC ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा बने।

2014 में मोहम्मद शमी ने हसीन जहां से शादी की। हसीन एक मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थीं। उनकी एक बेटी है जिसका नाम आइरा शमी है।
2018 में शमी और हसीन के बीच विवाह विवाद शुरू हो गया। हसीन ने शमी पर घरेलू हिंसा और विवाहेतर संबंध के आरोप लगाए। शमी ने सभी आरोपों को खारिज किया। यह मामला अदालत में गया।
इस विवाद के बावजूद शमी ने अपने क्रिकेट पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत समस्याएं उनके खेल को प्रभावित नहीं करेंगी। शमी और हसीन अभी अलग रह रहे हैं और तलाक की कार्यवाही चल रही है।
शमी अपनी बेटी आइरा से बहुत प्यार करते हैं। वे जब भी समय मिलता है अपनी बेटी के साथ बिताते हैं। सोशल मीडिया पर शमी अक्सर अपनी बेटी की तस्वीरें शेयर करते हैं।
मोहम्मद शमी की गेंदबाजी की मुख्य विशेषताएं:
शमी अपनी फिटनेस को बहुत महत्व देते हैं। चोटों से लड़ने के बाद उन्होंने अपनी फिटनेस पर और काम किया। वे नियमित रूप से जिम जाते हैं और योगा करते हैं।
मोहम्मद शमी ने भारतीय क्रिकेट को एक विश्व स्तरीय तेज़ गेंदबाज़ दिया है। उन्होंने साबित किया कि भारत भी विश्वस्तरीय तेज़ गेंदबाज़ पैदा कर सकता है। शमी, जसप्रीत बुमराह और इशांत शर्मा की तिकड़ी ने भारतीय तेज़ गेंदबाजी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। नई पीढ़ी के अर्शदीप सिंह जैसे गेंदबाज़ शमी से प्रेरणा लेते हैं।
शमी ने रिवर्स स्विंग को भारतीय क्रिकेट में लोकप्रिय बनाया। उनकी रिवर्स स्विंग की तकनीक युवा गेंदबाजों के लिए सीखने लायक है। कई युवा गेंदबाज़ शमी को देखकर प्रेरित हुए हैं। रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों ने भी शमी की गेंदबाजी की तारीफ की है।
शमी ने विदेशों में भी शानदार प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड जैसे मुश्किल परिस्थितियों में भी उन्होंने विकेट लिए। यह उनकी गुणवत्ता को दर्शाता है।
मोहम्मद शमी की कहानी एक गांव से विश्व मंच तक पहुंचने की प्रेरणादायक यात्रा है। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से आकर भारतीय क्रिकेट का सितारा बनना आसान नहीं था। लेकिन शमी ने अपनी मेहनत से यह कर दिखाया।
शमी युवाओं से कहते हैं कि चोटें और असफलताएं जीवन का हिस्सा हैं। महत्वपूर्ण यह है कि आप हार न मानें। शमी ने कई बार चोट के बाद वापसी की और हर बार पहले से बेहतर होकर लौटे।
शमी व्यक्तिगत समस्याओं के बावजूद अपने खेल पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। 2018 में जब उनके व्यक्तिगत जीवन में परेशानियां थीं तब भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। यह उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है।
मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट के महानतम तेज़ गेंदबाजों में से एक हैं। उन्होंने टेस्ट में 229 विकेट और ODI में 206 विकेट लेकर अपनी जगह पक्की की है। 2023 विश्व कप में 24 विकेट लेकर इतिहास रचने वाले शमी ने साबित किया कि वे बड़े मौकों के खिलाड़ी हैं।
शमी की कहानी अमरोहा के एक गांव से विश्व कप के मैदान तक का अद्भुत सफर है। चोटों, व्यक्तिगत समस्याओं और आलोचनाओं के बावजूद शमी ने कभी हार नहीं मानी। उनकी रिवर्स स्विंग और डेथ ओवर गेंदबाजी विश्व स्तरीय है।
2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर शमी ने साबित किया कि वे अभी भी भारतीय गेंदबाजी के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। उनका नाम हमेशा भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा रहेगा। मोहम्मद शमी न केवल एक महान गेंदबाज़ हैं बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा भी हैं।
मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज हैं जो रिवर्स स्विंग और डेथ ओवर गेंदबाजी में माहिर हैं।
मोहम्मद शमी का जन्म 3 सितंबर 1990 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सरायमीर गांव में हुआ।
मोहम्मद शमी ने 13 जनवरी 2013 को ODI में और 6 नवंबर 2013 को टेस्ट में डेब्यू किया।
2023 विश्व कप में मोहम्मद शमी ने केवल 7 मैचों में 24 विकेट लिए जो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा थे।
मोहम्मद शमी ने 22 जून 2019 को अफगानिस्तान के खिलाफ 2019 विश्व कप में हैट्रिक ली।
मोहम्मद शमी 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलेंगे। पहले वे गुजरात टाइटन्स के लिए खेलते थे।
मोहम्मद शमी ने 2022 में गुजरात टाइटन्स के साथ IPL खिताब जीता।
टेस्ट में 6/56 और ODI में 7/57 मोहम्मद शमी का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है।
मोहम्मद शमी ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए हैं।
हां, मोहम्मद शमी 2025 ICC चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम के सदस्य हैं।
मोहम्मद शमी बंगाल क्रिकेट टीम के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं।
मोहम्मद शमी की रिवर्स स्विंग, सटीक सीम पोजीशन और डेथ ओवर गेंदबाजी उनकी मुख्य खासियत है।
मोहम्मद शमी ने केवल 56 मैचों में 100 ODI विकेट पूरे किए जो किसी भारतीय गेंदबाज का सबसे तेज रिकॉर्ड है।
मोहम्मद शमी की एक बेटी है जिसका नाम आइरा शमी है।
मोहम्मद शमी ने केवल 17 मैचों में विश्व कप में 50 विकेट पूरे किए जो विश्व रिकॉर्ड है।
हां, मोहम्मद शमी को 2015 में घुटने की चोट और 2024 में अकिलीज टेंडन की चोट लगी थी।
मोहम्मद शमी का टेस्ट डेब्यू सचिन तेंदुलकर के 200वें और अंतिम टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ था।
मोहम्मद शमी को IPL 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद ने 10 करोड़ रुपये में खरीदा।
मोहम्मद शमी ने 55 टेस्ट मैचों में 200 विकेट पूरे किए जो तीसरा सबसे तेज भारतीय रिकॉर्ड है।
मोहम्मद शमी को उनकी रिवर्स स्विंग गेंदबाजी, 2023 विश्व कप में 24 विकेट का रिकॉर्ड और लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है।