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वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के सबसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक हैं। 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव में जन्मे वैभव ने मात्र 14 साल की उम्र में क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। वे IPL के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं और T20 क्रिकेट में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज़ भी हैं।
नवंबर 2024 में IPL 2025 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने केवल 13 साल के वैभव को ₹1.1 करोड़ में खरीदकर सबको चौंका दिया। वे IPL कॉन्ट्रैक्ट पाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। 19 अप्रैल 2025 को उन्होंने IPL में डेब्यू किया और अपनी पहली ही गेंद पर छक्का मारा। 28 अप्रैल 2025 को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ उन्होंने 38 गेंदों में 101 रन बनाकर IPL इतिहास रच दिया।
वैभव ने 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और बिहार के दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। भारत अंडर-19 टीम के लिए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 58 गेंदों में शतक बनाया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और 360 डिग्री खेलने की क्षमता ने उन्हें विश्व क्रिकेट में एक खास पहचान दिलाई है।
| विवरण | जानकारी |
| पूरा नाम | वैभव सूर्यवंशी |
| जन्म तिथि | 27 मार्च 2011 |
| जन्म स्थान | ताजपुर, समस्तीपुर, बिहार, भारत |
| उम्र | 14 वर्ष (2025 में) |
| पिता का नाम | संजीव सूर्यवंशी (किसान, पूर्व क्रिकेटर) |
| गृहनगर | पटना, बिहार |
| खेल | क्रिकेट |
| बल्लेबाजी शैली | बाएं हाथ का बल्लेबाज़ |
| गेंदबाजी शैली | बाएं हाथ का स्लो लेफ्ट आर्म |
| भूमिका | ओपनिंग बल्लेबाज़ |
| घरेलू टीम | बिहार |
| IPL टीम | राजस्थान रॉयल्स (₹1.1 करोड़) |
| IPL डेब्यू | 19 अप्रैल 2025 (14 वर्ष 23 दिन की उम्र में) |
| प्रथम श्रेणी डेब्यू | जनवरी 2024 (12 वर्ष 284 दिन की उम्र में) |
| प्रमुख उपलब्धि | IPL के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और शतक बनाने वाले |
| IPL शतक | 101 रन (38 गेंदों में, 14 वर्ष 32 दिन की उम्र में) |
| सबसे तेज़ शतक | 32 गेंदों में (India A के लिए UAE के खिलाफ) |
| कोच | मनीष ओझा (GenNex Cricket Academy, Patna) |
| विशेषता | आक्रामक बल्लेबाजी, छक्के मारने की क्षमता |

वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के मिथिला क्षेत्र में समस्तीपुर जिले के ताजपुर शहर में हुआ। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी एक किसान हैं जो खुद भी क्रिकेट खेलना चाहते थे लेकिन परिस्थितियों के कारण नहीं खेल सके। संजीव ने अपने बेटे में अपने सपने देखे और वैभव के क्रिकेट करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वैभव ने केवल 4 साल की उम्र में अपने गृहनगर ताजपुर में क्रिकेट की ट्रेनिंग शुरू कर दी। उनके पिता ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उनकी क्रिकेट यात्रा को प्रोत्साहित किया। 8 साल की उम्र में वैभव को पटना के GenNex Cricket Academy में दाखिला दिलाया गया जहां मनीष ओझा उनके कोच बने।
वैभव और उनके पिता हर दूसरे दिन समस्तीपुर से पटना तक लगभग 100 किलोमीटर की यात्रा करते थे। यह यात्रा बहुत कठिन थी लेकिन पिता-पुत्र की जोड़ी ने कभी हार नहीं मानी। वैभव की मां और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी हमेशा उनका साथ दिया।
पटना में ट्रेनिंग के दौरान वैभव ने अपनी बल्लेबाजी तकनीक को निखारा। उनके कोच मनीष ओझा ने उनकी प्रतिभा को तराशा और उन्हें एक आक्रामक ओपनर के रूप में तैयार किया।
वैभव सूर्यवंशी ने GenNex Cricket Academy में अपनी क्रिकेट यात्रा शुरू की। यहां उन्होंने विभिन्न आयु वर्गों में खेला। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और छक्के मारने की क्षमता ने सबका ध्यान खींचा।
वैभव ने बिहार की अंडर-12, अंडर-14 और अंडर-16 टीमों के लिए खेला। उन्होंने हमेशा अपने से बड़ी उम्र के खिलाड़ियों के साथ खेला लेकिन कभी पीछे नहीं रहे। उनकी बल्लेबाजी में परिपक्वता और आक्रामकता का अद्भुत मिश्रण था।
2023 में जब वैभव 12 साल के थे तो उन्होंने रणजी ट्रॉफी में बिहार के लिए खेलने का सपना देखा। उनके प्रदर्शन ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को प्रभावित किया और उन्हें टीम में मौका मिला।

जनवरी 2024 में वैभव सूर्यवंशी ने मुंबई के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया। उस समय वे केवल 12 वर्ष 284 दिन के थे। वे बिहार के दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने जिन्होंने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। समग्र रूप से वे चौथे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे।
यह बिहार क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल था। एक 12 साल का बच्चा मुंबई जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ खेल रहा था। हालांकि डेब्यू मैच में वैभव ज्यादा रन नहीं बना सके लेकिन उनका आत्मविश्वास और खेलने का तरीका सबको प्रभावित किया।
इस डेब्यू ने वैभव को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। क्रिकेट के जानकार उन्हें भविष्य का सितारा बताने लगे। उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाने लगी जिन्होंने भी बहुत कम उम्र में क्रिकेट शुरू किया था।
सितंबर 2024 में वैभव को भारत अंडर-19 टीम में चुना गया। चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ एक चार दिवसीय मैच में वैभव ने इतिहास रच दिया। उन्होंने केवल 58 गेंदों में शतक बनाया और 104 रन बनाकर रन आउट हो गए।
यह किसी भारतीय अंडर-19 खिलाड़ी द्वारा सबसे तेज़ शतक था। यह अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज़ शतक था। वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी ने सबको चौंका दिया।
2024 ACC अंडर-19 एशिया कप में वैभव ने UAE के खिलाफ 46 गेंदों में 76 रन बनाए। सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 36 गेंदों में 67 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट बेहद शानदार था।
जुलाई 2025 में वॉर्सेस्टर में इंग्लैंड अंडर-19 के खिलाफ वैभव ने 143 रन बनाए। यह Youth ODI इतिहास में सबसे कम उम्र में बनाया गया शतक था। उस समय वैभव की उम्र केवल 14 वर्ष 100 दिन थी।
उनका यह शतक केवल 52 गेंदों में आया जो Youth ODI इतिहास में सबसे तेज़ शतक था। सितंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ वैभव ने Youth ODI में सबसे ज्यादा करियर छक्कों का रिकॉर्ड बनाया।

नवंबर 2024 में जब IPL 2025 की नीलामी हुई तो वैभव सूर्यवंशी की उम्र केवल 13 साल थी। उन्हें ₹30 लाख की बेस प्राइस पर नीलामी में रखा गया। राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच तगड़ी बोली लगी।
आखिरकार राजस्थान रॉयल्स ने वैभव को ₹1.1 करोड़ में खरीद लिया। वे IPL कॉन्ट्रैक्ट पाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल था।
वैभव 2008 में IPL शुरू होने के बाद पैदा हुए थे। इसलिए वे पहले ऐसे IPL खिलाड़ी बने जो IPL शुरू होने के बाद पैदा हुए थे। यह भी एक खास रिकॉर्ड था।
नीलामी से पहले राजस्थान रॉयल्स ने नागपुर में वैभव के ट्रायल लिए थे। ट्रायल में वैभव का प्रदर्शन शानदार रहा था। राजस्थान रॉयल्स ने उनकी क्षमता को पहचाना और नीलामी में उन्हें खरीदने का फैसला किया।
19 अप्रैल 2025 को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने IPL में डेब्यू किया। कप्तान संजू सैमसन की चोट के कारण उन्हें मौका मिला। उस समय वैभव की उम्र केवल 14 वर्ष 23 दिन थी।
वे IPL इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। इससे पहले 2019 में प्रयास रे बर्मन 16 वर्ष 154 दिन की उम्र में सबसे कम उम्र के डेब्यूटेंट थे।
वैभव ने यशस्वी जायसवाल के साथ ओपनिंग की। उनकी पहली गेंद शार्दुल ठाकुर ने डाली। वैभव ने पहली ही गेंद को एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का मार दिया। पूरा स्टेडियम खड़ा होकर तालियां बजाने लगा।
वैभव ने 20 गेंदों में 34 रन बनाए। उन्होंने यशस्वी के साथ 85 रन की पार्टनरशिप बनाई। आखिरकार वे एडेन मार्कराम की गेंद पर ऋषभ पंत द्वारा स्टंप हो गए। मैदान से निकलते समय वैभव की आंखों में आंसू थे। यह पल बहुत भावुक था।
Google के CEO सुंदर पिचाई ने भी वैभव के डेब्यू पर बधाई दी। उन्होंने X पर लिखा – “8वीं कक्षा के छात्र को IPL में खेलते हुए देखने के लिए जागा। कैसा डेब्यू!”
19 अप्रैल के डेब्यू के केवल 9 दिन बाद, 28 अप्रैल 2025 को वैभव ने फिर से इतिहास रच दिया। जयपुर में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ उन्होंने 38 गेंदों में 101 रन बनाए।
वे IPL में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। उस समय उनकी उम्र केवल 14 वर्ष 32 दिन थी। वे T20 क्रिकेट में शतक बनाने वाले भी सबसे कम उम्र के पुरुष क्रिकेटर बन गए।
यह पारी क्रिकेट जगत के लिए अविश्वसनीय थी। 14 साल का बच्चा गुजरात टाइटन्स जैसी मजबूत टीम को धो रहा था। वैभव ने हर तरह के गेंदबाज़ों पर हावी रहे।

नवंबर 2025 में वैभव ने India A के लिए UAE के खिलाफ Asia Cup Rising Stars T20 मैच में खेला। इस मैच में उन्होंने अपने करियर की सबसे विस्फोटक पारी खेली।
वैभव ने केवल 42 गेंदों में 144 रन बनाए। उनका शतक केवल 32 गेंदों में पूरा हुआ। यह किसी भारतीय द्वारा T20 में दूसरा सबसे तेज़ शतक है। उनकी पारी में 11 चौके और 15 छक्के शामिल थे।
उनकी स्ट्राइक रेट 342 से अधिक थी। इस पारी ने साबित कर दिया कि वैभव सिर्फ IPL में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी धमाल मचा सकते हैं।
फरवरी 2025 में बड़ौदा के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी में वैभव ने 42 गेंदों में 71 रन बनाए। वे List A क्रिकेट में अर्धशतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बन गए।
दिसंबर 2025 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ वैभव ने 61 गेंदों में नाबाद 108 रन बनाए। वे इस ट्रॉफी में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज़ बने। उस समय उनकी उम्र 14 वर्ष 250 दिन थी।
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की मुख्य विशेषताएं:
वैभव बाएं हाथ के बल्लेबाज़ हैं। उनकी स्ट्रोक प्ले बहुत सुंदर है। वे V में बहुत अच्छा खेलते हैं। उनके स्ट्रेट ड्राइव और पुल शॉट बहुत प्रभावी हैं।
राजस्थान रॉयल्स के स्पिन बॉलिंग कोच माइकल लम्ब ने कहा कि वैभव पहले दिन से ही टीम में fit हो गए। कप्तान संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल ने भी वैभव की प्रशंसा की और कहा कि वे भविष्य के सुपरस्टार हैं।
राजस्थान रॉयल्स टीम में वैभव को सीनियर खिलाड़ियों से सीखने का अवसर मिला। यशस्वी जायसवाल, संजू सैमसन, जोस बटलर जैसे महान बल्लेबाजों के साथ प्रैक्टिस करने से वैभव ने बहुत कुछ सीखा।
वैभव सूर्यवंशी की प्रेरणा सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली हैं। वे दोनों को अपना आइडल मानते हैं। वैभव ने कहा है कि वे भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं और भारत को विश्व कप जिताना चाहते हैं।
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा कि उनका सपना है कि वैभव भारत के लिए खेलें। उन्होंने वैभव की सफलता के लिए बहुत कुर्बानियां दीं और अब उनका सपना पूरा होता दिख रहा है।
वैभव अभी केवल 14 साल के हैं और उनके पास लंबा करियर है। अगर वे अपनी मेहनत जारी रखें तो वे भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में से एक बन सकते हैं।

वैभव सूर्यवंशी अभी 8वीं कक्षा में पढ़ते हैं। उनके परिवार ने सुनिश्चित किया है कि क्रिकेट के साथ-साथ उनकी पढ़ाई भी जारी रहे। वैभव ऑनलाइन क्लासेज लेते हैं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देते हैं।
IPL के दौरान भी वैभव अपनी होमवर्क करते हैं। उनके शिक्षक उनके क्रिकेट करियर को समझते हैं और उन्हें सपोर्ट करते हैं।
वैभव सूर्यवंशी बिहार क्रिकेट के लिए आशा की किरण हैं। बिहार पारंपरिक रूप से क्रिकेट में मजबूत नहीं रहा है लेकिन वैभव ने साबित किया कि बिहार भी महान क्रिकेटर पैदा कर सकता है।
वैभव की सफलता से बिहार के हजारों युवाओं को प्रेरणा मिली है। अब बिहार में क्रिकेट अकादमियों की संख्या बढ़ रही है। वैभव बिहार क्रिकेट के ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं।
वैभव पर बहुत कम उम्र में बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। लोग उन्हें अगला सचिन तेंदुलकर बता रहे हैं। यह दबाव एक 14 साल के बच्चे के लिए बहुत ज्यादा हो सकता है।
क्रिकेट के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैभव को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन पर बहुत ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। उनकी उम्र का ध्यान रखना जरूरी है।
वैभव के कोच मनीष ओझा ने कहा है कि वे वैभव को जमीन से जुड़ा रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें समझाया जा रहा है कि सफलता के साथ जिम्मेदारी भी आती है।

वैभव सूर्यवंशी की कहानी समस्तीपुर के एक छोटे से गांव से IPL के मैदान तक की अद्भुत यात्रा है। उन्होंने साबित किया कि उम्र कोई बाधा नहीं है अगर आपमें प्रतिभा और मेहनत है।
वैभव युवाओं से कहते हैं कि अपने सपने बड़े रखो और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करो। उनका मानना है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, अगर आप दृढ़ संकल्प हों तो सब कुछ संभव है।
वैभव के पिता का कहना है कि वैभव की सफलता में परिवार का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने हर कठिनाई को साथ मिलकर पार किया। यह टीम वर्क की जीत है।
वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का एक उभरता हुआ सितारा हैं। 14 साल की उम्र में IPL में शतक बनाना और कई रिकॉर्ड तोड़ना उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है। वे IPL के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और शतक बनाने वाले हैं।
वैभव की कहानी बिहार के समस्तीपुर से IPL तक की प्रेरणादायक यात्रा है। उन्होंने और उनके पिता ने मिलकर हर कठिनाई को पार किया। आज वैभव भारतीय क्रिकेट का गर्व हैं।
अभी वैभव का सफर शुरू ही हुआ है। अगर वे अपनी मेहनत और विनम्रता बनाए रखें तो वे भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में से एक बन सकते हैं। वैभव सूर्यवंशी का नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।
वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेटर हैं जो IPL के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और शतक बनाने वाले हैं।
वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर में हुआ।
वैभव सूर्यवंशी की उम्र 14 वर्ष है (2025 में)।
वैभव सूर्यवंशी राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं। उन्हें ₹1.1 करोड़ में खरीदा गया था।
वैभव सूर्यवंशी ने 19 अप्रैल 2025 को 14 वर्ष 23 दिन की उम्र में IPL में डेब्यू किया।
वैभव ने 28 अप्रैल 2025 को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 38 गेंदों में 101 रन बनाए।
वैभव का शतक 35 गेंदों में पूरा हुआ जो किसी भारतीय द्वारा IPL में सबसे तेज़ शतक है।
वैभव ने जनवरी 2024 में 12 वर्ष 284 दिन की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया।
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी हैं जो एक किसान और पूर्व क्रिकेटर हैं।
वैभव के कोच मनीष ओझा हैं जो GenNex Cricket Academy, Patna में कोचिंग देते हैं।
वैभव बाएं हाथ के आक्रामक ओपनिंग बल्लेबाज़ हैं जो 360 डिग्री खेल सकते हैं।
वैभव ने अपनी पहली गेंद पर छक्का मारा और 20 गेंदों में 34 रन बनाए।
वैभव ने India A के लिए UAE के खिलाफ केवल 32 गेंदों में शतक बनाया।
वैभव सूर्यवंशी 8वीं कक्षा में पढ़ते हैं और ऑनलाइन क्लासेज लेते हैं।
वैभव की प्रेरणा सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली हैं।
हां, वैभव ने भारत अंडर-19 के लिए खेला है और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 58 गेंदों में शतक बनाया।
वैभव का बेस प्राइस ₹30 लाख था लेकिन उन्हें ₹1.1 करोड़ में खरीदा गया।
वैभव सूर्यवंशी बिहार राज्य से हैं और बिहार की घरेलू टीम के लिए खेलते हैं।
वैभव ने अपने IPL शतक में 11 छक्के मारे जो किसी भारतीय का एक पारी में सर्वोच्च रिकॉर्ड है।
वैभव को IPL के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और शतक बनाने वाले, आक्रामक बल्लेबाजी और बिहार क्रिकेट को गर्व दिलाने के लिए याद किया जाता है।