Zaheer Khan की जीवनी – Zaheer Khan Biography in Hindi

भारतीय क्रिकेट में जहीर खान का नाम सबसे महान तेज गेंदबाजों में आता है। दरअसल, वे कपिल देव के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल तेज गेंदबाज थे। हालांकि, उनका करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। फिर भी, 2011 ODI विश्व कप में 21 विकेट लेकर भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। वास्तव में, 2007 में इंग्लैंड दौरे पर 18 विकेट लेकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। साथ ही, उनकी बाएं हाथ की तेज मध्यम गेंदबाजी और रिवर्स स्विंग की कला दुनिया भर में प्रसिद्ध थी। इसलिए, उन्हें अक्सर वासिम अकरम से तुलना की जाती थी।

इसके अलावा, जहीर की कहानी महाराष्ट्र के एक छोटे से शहर श्रीरामपुर से शुरू होती है। दरअसल, जहां एक फोटोग्राफर के बेटे ने भारत के लिए खेलने का सपना देखा। हालांकि, रास्ता आसान नहीं था। फिर भी, चोटों से लड़ते हुए और 2006 में वर्सेस्टरशायर में खेलकर अपनी गेंदबाजी को निखारा। वास्तव में, 311 टेस्ट विकेट, 282 ODI विकेट और 2020 में पद्म श्री से सम्मानित होना उनकी महानता का प्रमाण है। साथ ही, सागरिका घाटगे से शादी और बेटे फतेहसिंह ने उनकी निजी जिंदगी को पूर्ण किया। इसलिए, जहीर की जीवनी हर युवा के लिए प्रेरणा है।

Table of Contents

जहीर खान की जानकारी | Zaheer Khan Ki Jankari

विवरण जानकारी
पूरा नाम जहीर खान
उपनाम जैक, जिप्पी जैकी (Worcestershire)
जन्म तिथि 7/8 अक्टूबर 1978
जन्म स्थान श्रीरामपुर, अहमदनगर, महाराष्ट्र, भारत
उम्र 47 वर्ष (जनवरी 2026 तक)
ऊंचाई 6 फीट 1 इंच (185 सेमी)
बल्लेबाजी शैली दाएं हाथ के बल्लेबाज (नंबर 11 पर 75 रन का रिकॉर्ड)
गेंदबाजी शैली बाएं हाथ के तेज मध्यम गेंदबाज
भूमिका तेज गेंदबाज (पेस अटैक के लीडर)
पिता का नाम बख्तियार खान (फोटोग्राफर)
माता का नाम जकिया खान (स्कूल सुपरवाइजर)
भाई जीशान खान (केमिकल इंजीनियर), अनीस खान (रेस्टोरेंट मैनेजर)
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पत्नी का नाम सागरिका घाटगे (अभिनेत्री, विवाह 23 नवंबर 2017)
पूर्व संबंध ईशा शर्वानी (अभिनेत्री, 2005-2012)
संतान फतेहसिंह खान (बेटा, सरोगेसी से)
धर्म इस्लाम (मराठी मुस्लिम परिवार)
राष्ट्रीयता भारतीय
घरेलू टीम बड़ौदा (1999-2006), मुंबई (2006-2015)
काउंटी टीम Worcestershire (2005-2006), Surrey (brief)
IPL टीम RCB (2008-2011), MI (2014-2015), DD (2015-2017, कप्तान 2016-17)
टेस्ट शुरुआत 10 नवंबर 2000 vs बांग्लादेश (ढाका)
ODI शुरुआत 3 अक्टूबर 2000 vs केन्या (ICC KnockOut Trophy)
T20I शुरुआत 1 दिसंबर 2006 vs दक्षिण अफ्रीका
अंतरराष्ट्रीय संन्यास 15 अक्टूबर 2015
प्रमुख उपलब्धि 2011 विश्व कप विजेता (21 विकेट), 2007 इंग्लैंड सीरीज (18 विकेट)
विशेष रिकॉर्ड टेस्ट में 311 विकेट, ODI में 282 विकेट, Kapil Dev के बाद भारत के दूसरे सर्वाधिक
शिक्षा K.J. Somaiyya Secondary School, K.J. Somaiyya College of Engineering (इंजीनियरिंग छोड़ी)
कोच Dennis Lillee (MRF Pace Foundation), Sudhir Naik, Vidya Paradkar
वर्तमान भूमिका Mumbai Indians (Global Head of Cricket Development), पूर्व LSG मेंटर
सम्मान Padma Shri (2020), Arjuna Award (2011), Wisden Cricketer (2008)
व्यवसाय ProSport Fitness & Services, ZK’s Restaurant (Pune), Toss Sports Lounge
अनुमानित संपत्ति लगभग 60-70 करोड़ रुपये
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जहीर खान का बचपन और परिवार – श्रीरामपुर से मुंबई तक | Bachpan Aur Parivar

जहीर खान का जन्म 7/8 अक्टूबर 1978 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के श्रीरामपुर में हुआ। दरअसल, वे एक मराठी मुस्लिम परिवार से थे। हालांकि, उनके पिता बख्तियार खान एक फोटोग्राफर थे। फिर भी, पिता का फोटोग्राफी स्टूडियो शहर से 30 किलोमीटर दूर था। वास्तव में, वे ज्यादातर पासपोर्ट फोटो और स्थानीय VIP (चीनी उद्योग के बड़े लोग) की तस्वीरें लेते थे। साथ ही, माँ जकिया खान एक स्कूल सुपरवाइजर थीं। इसलिए, परिवार की आर्थिक स्थिति मध्यम वर्गीय थी।

इसके अलावा, जहीर के दो भाई हैं। दरअसल, बड़े भाई जीशान खान केमिकल इंजीनियर बने। हालांकि, छोटे भाई अनीस खान ने पुणे में जहीर के नाम के रेस्टोरेंट चलाने का काम संभाला। फिर भी, तीनों भाई बचपन में टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते थे। वास्तव में, पिता भी टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते थे। साथ ही, जहीर ने उन्हीं से क्रिकेट में रुचि ली। इसलिए, परिवार ने हमेशा उनका समर्थन किया।

मुंबई की ओर – सपनों की यात्रा | Mumbai Ki Or – Sapno Ki Yatra

इसके अतिरिक्त, 17 साल की उम्र में जहीर के पिता उन्हें मुंबई ले गए। दरअसल, पिता ने जहीर की गेंदबाजी की प्रतिभा पहचानी थी। हालांकि, मुंबई के जिमखाना क्लबों की फीस बहुत महंगी थी। फिर भी, पिता ने मैदान पर नेशनल क्रिकेट क्लब की नेट प्रैक्टिस देखी और अनुशासन से प्रभावित हुए। वास्तव में, कोच सुधीर नाइक और असिस्टेंट कोच विद्या परडकर के तहत जहीर ने ट्रेनिंग शुरू की। साथ ही, श्रीरामपुर में उन्होंने केवल एक मैच क्रिकेट बॉल से खेला था। इसलिए, मुंबई में सब कुछ नया था।

दरअसल, विद्या परडकर याद करते हैं, “जहीर बहुत नियमित और ईमानदार थे। वे सुबह 7 बजे और फिर दोपहर 2:30 बजे समय पर पहुंचते थे।” हालांकि, पहले दो सीजन में हर टूर्नामेंट खेला। फिर भी, शिवाजी पार्क जिमखाना के खिलाफ फाइनल में 7 विकेट लेकर सबका ध्यान खींचा। वास्तव में, इसके बाद 1998-99 में मुंबई और वेस्ट जोन की अंडर-19 टीमों में चुने गए। साथ ही, चेन्नई के MRF पेस फाउंडेशन में ऑस्ट्रेलियाई किंवदंती डेनिस लिली के तहत ट्रेनिंग ली। इसलिए, यहीं से असली यात्रा शुरू हुई।

इंजीनियरिंग छोड़ी – क्रिकेट को चुना | Engineering Chhodi – Cricket Ko Chuna

इसके अलावा, जहीर K.J. Somaiyya College of Engineering में दाखिल हुए थे। दरअसल, उन्हें 85% अंक मिल रहे थे। हालांकि, कोच सुधीर नाइक ने उन्हें सलाह दी कि इंजीनियरिंग छोड़कर पेशेवर क्रिकेट पर ध्यान दें। फिर भी, यह कठिन निर्णय था। वास्तव में, जहीर ने कहा, “मेरे कोच ने मुझे विश्वास दिलाया कि क्रिकेट में भविष्य है।” साथ ही, ट्रेनिंग के दौरान SunGrace Mafatlal कंपनी में काम करके 5000 रुपये महीना कमाते थे। इसलिए, पैसे और सपनों के बीच संतुलन बनाना पड़ा।

घरेलू क्रिकेट – बड़ौदा और मुंबई के साथ | Gharelu Cricket

जहीर को मुंबई की रणजी टीम में जगह नहीं मिली। दरअसल, मुंबई की प्रतिस्पर्धा बहुत कठिन थी। हालांकि, T.A. Sekhar ने उन्हें बड़ौदा टीम में शामिल कराया। फिर भी, 1999-2000 सीजन में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। वास्तव में, 2000-01 में बड़ौदा को 43 साल बाद पहली रणजी ट्रॉफी जिताने में मदद की। साथ ही, फाइनल में रेलवे के खिलाफ 8 विकेट लिए। इसलिए, यह उनका ब्रेकथ्रू सीजन था।

2006-07 – मुंबई में ट्रांसफर | Mumbai Mein Transfer

इसके अलावा, 2006-07 सीजन की शुरुआत में जहीर मुंबई में ट्रांसफर हुए। दरअसल, रणजी ट्रॉफी फाइनल तक उनका कोई मैच नहीं था। हालांकि, फाइनल में बंगाल के खिलाफ 9 विकेट लेकर मुंबई को चैंपियन बनाया। फिर भी, यह उनकी वापसी थी। वास्तव में, इसके बाद 2015 तक मुंबई के लिए खेलते रहे। इसलिए, घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन किया।

Zaheer Khan-ODI-hindispark.in
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अंतरराष्ट्रीय पदार्पण – 2000 का यादगार साल | Antarrashtriya Padarpan

2000 में जहीर को बैंगलोर में नेशनल क्रिकेट एकेडमी के पहले बैच में चुना गया। दरअसल, यह भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा कदम था। हालांकि, जल्द ही अंतरराष्ट्रीय टीम में मौका मिला। फिर भी, 3 अक्टूबर 2000 को केन्या में ICC KnockOut Trophy में ODI डेब्यू किया। वास्तव में, पहले मैच में केन्या के खिलाफ खेले। साथ ही, इसी टूर्नामेंट में भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे। इसलिए, ऑस्ट्रेलिया को हराने में मदद की।

टेस्ट पदार्पण – स्टीव वॉ को बोल्ड | Test Padarpan – Steve Waugh Ko Bold

इसके अतिरिक्त, 10 नवंबर 2000 को ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। दरअसल, हालांकि पहले टेस्ट में ज्यादा सफलता नहीं मिली। फिर भी, ICC KnockOut Trophy में स्टीव वॉ को फुल डिलीवरी से बोल्ड करना बड़ी उपलब्धि थी। वास्तव में, वॉ उस समय ऑस्ट्रेलिया के कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में थे। साथ ही, यह जहीर की प्रतिभा का संकेत था। इसलिए, सभी ने उनसे बड़ी उम्मीदें कीं।

शुरुआती संघर्ष और 2003 विश्व कप | Shuruaati Sangharsh Aur 2003 World Cup

जहीर के शुरुआती साल मिश्रित रहे। दरअसल, चोटों और खराब फिटनेस ने उन्हें परेशान किया। हालांकि, सौरव गांगुली ने हमेशा उन पर भरोसा रखा। फिर भी, 2002 ICC Champions Trophy में भारत संयुक्त विजेता बना और जहीर ने अच्छा प्रदर्शन किया। वास्तव में, 2003 विश्व कप में भारत फाइनल तक पहुंचा। साथ ही, जहीर ने जवागल श्रीनाथ और अशीष नेहरा के साथ मिलकर गेंदबाजी अटैक को संभाला। दरअसल, टूर्नामेंट में 18 विकेट लेकर चौथे सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। इसलिए, भारत के फाइनल में पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।

2003 फाइनल में निराशा | 2003 Final Mein Nirasha

इसके अलावा, 23 मार्च 2003 को जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल हुआ। दरअसल, 25 साल के जहीर भारत के पेस अटैक को लीड कर रहे थे। हालांकि, उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा। फिर भी, 10 ओवर में 67 रन दिए और कोई विकेट नहीं मिला। वास्तव में, रिकी पोंटिंग ने 140 रन बनाकर भारत को 125 रन से हराया। साथ ही, जहीर के लिए यह बहुत दुखद दिन था। दरअसल, बाद में उन्होंने कहा, “2003 का फाइनल मेरे लिए दुःस्वप्न था। मैं 8 साल बाद इसे सुधारना चाहता था।” इसलिए, 2011 विश्व कप उनके लिए रिडेम्पशन का मौका बन गया।

2005-06 – कठिन दौर और C-Grade Contract | Kathin Daur

2005 के अंत में जहीर के करियर में संकट आया। दरअसल, श्रीसंत और आर.पी. सिंह ने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। हालांकि, दोनों ने टीम में नियमित जगह बना ली। फिर भी, जहीर को टीम से बाहर कर दिया गया। वास्तव में, BCCI ने उन्हें B-Grade से C-Grade अनुबंध में डाउनग्रेड कर दिया। साथ ही, 2005 में पाकिस्तान दौरे पर तीन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज (जहीर, RP Singh, Irfan Pathan) खेले। दरअसल, विविधता की कमी के कारण पाकिस्तान को आउट करना मुश्किल हो गया। इसलिए, जहीर के करियर का सबसे कठिन समय था।

2006 Worcestershire – करियर का टर्निंग पॉइंट | Worcestershire – Turning Point

2006 में जहीर ने एक बड़ा फैसला लिया। दरअसल, इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट में Worcestershire के लिए खेलने गए। हालांकि, यह उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय साबित हुआ। फिर भी, Worcestershire में कोच Steve Rhodes और गेंदबाजी सलाहकार Graham Dilley से बहुत कुछ सीखा। वास्तव में, जहीर ने अपना रन-अप छोटा किया। साथ ही, फिटनेस पर काम किया और शरीर को मजबूत बनाया। इसलिए, एक नए जहीर खान का जन्म हुआ।

Zaheer Khan-with-sachin-hindispark.in
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78 विकेट – Worcestershire में धमाल | 78 Wickets – Worcestershire Mein Dhamal

इसके अलावा, 2006 सीजन में जहीर ने Worcestershire के लिए 78 विकेट लिए। दरअसल, टीम के साथी उन्हें “Zippy Zakky” कहने लगे। हालांकि, Somerset के खिलाफ डेब्यू में 10 विकेट लिए। फिर भी, यह 100 साल में Worcestershire के लिए डेब्यू पर 10 विकेट लेने वाले पहले खिलाड़ी बने। वास्तव में, Essex के खिलाफ जून में पहली पारी में 9/138 लिए। साथ ही, अगर विकेटकीपर Steven Davies ने आखिरी बल्लेबाज Darren Gough का कैच नहीं गिराया होता, तो सभी 10 विकेट लेने वाले पहले Worcestershire गेंदबाज बनते। दरअसल, बाद में जहीर ने कहा, “2006 काउंटी क्रिकेट मेरा जवाब था। 5 महीने अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने से बहुत सीखा। Dukes बॉल मेरे लिए वरदान साबित हुई।” इसलिए, यह अनुभव उनके करियर को बदलने वाला साबित हुआ।

2007 इंग्लैंड दौरा – करियर का शिखर | 2007 England Tour – Career Ka Shikhar

जुलाई-अगस्त 2007 में भारत का इंग्लैंड दौरा हुआ। दरअसल, यह जहीर के करियर का सबसे यादगार दौरा बन गया। हालांकि, भारत में कोच नहीं था। फिर भी, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, VVS लक्ष्मण जैसे दिग्गज थे। वास्तव में, जहीर ने तीन टेस्ट में 18 विकेट लिए। साथ ही, प्रत्येक विकेट का औसत सिर्फ 20 रन रहा। इसलिए, उन्हें मैन ऑफ द सीरीज दिया गया। दरअसल, यह भारत की इंग्लैंड में ऐतिहासिक जीत थी।

ट्रेंट ब्रिज – जेली बीन्स विवाद और 9 विकेट | Trent Bridge – Jelly Beans Vivad

इसके अलावा, दूसरा टेस्ट ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम में हुआ। दरअसल, 13 जुलाई 2007 को मैच शुरू हुआ। हालांकि, जहीर ने पहली पारी में 4/59 लेकर इंग्लैंड को 198 पर रोक दिया। फिर भी, भारत ने 481 रन बनाकर बड़ी बढ़त ली। वास्तव में, दूसरी पारी में 5/75 लेकर इंग्लैंड को फिर से ढेर कर दिया। साथ ही, भारत ने 7 विकेट से मैच जीत लिया। इसलिए, मैच में कुल 9 विकेट लेकर जहीर मैन ऑफ द मैच बने।

दरअसल, इस मैच में एक विवादास्पद घटना हुई। हालांकि, जब जहीर बल्लेबाजी कर रहे थे, तो जेली बीन्स क्रीज पर पड़ी थीं। फिर भी, जहीर ने एक जेली बीन उठाकर फेंक दी। वास्तव में, अगली गेंद पर फिर जेली बीन्स दिखीं। साथ ही, जहीर बहुत गुस्सा हो गए। दरअसल, वे सीधे Kevin Pietersen के पास गए और बैट उठाकर पूछा। हालांकि, Pietersen ने इनकार किया। फिर भी, अंपायरों को शिकायत की। वास्तव में, जहीर ने बाद में कहा, “जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था, क्रीज पर जेली बीन्स थीं। मैंने एक उठाकर फेंक दी। अगली गेंद पर फिर जेली बीन्स थीं। यह मुझे पसंद नहीं आया। मैं क्रिकेट खेलने आया हूं।” साथ ही, इस घटना ने जहीर को और आक्रामक बना दिया। इसलिए, दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर इंग्लैंड को सबक सिखाया।

लॉर्ड्स में 6 विकेट | Lord’s Mein 6 Wickets

इसके अतिरिक्त, तीसरा टेस्ट लॉर्ड्स में हुआ। दरअसल, जहीर ने यहां भी 6 विकेट लिए। हालांकि, मैच ड्रॉ रहा। फिर भी, जहीर की गेंदबाजी शानदार रही। वास्तव में, उन्होंने दोनों दिशाओं में गेंद को स्विंग कराया। साथ ही, राउंड द विकेट से गेंदबाजी करने का नया तरीका अपनाया। दरअसल, इंग्लिश बल्लेबाज इस कोण से आने वाली गेंद के आदी नहीं थे। हालांकि, केवल वे बल्लेबाज जिन्होंने वासिम अकरम का सामना किया था, ऐसी गेंदबाजी को समझ सकते थे। फिर भी, जहीर ने अपनी डिलीवरी को शानदार तरीके से छुपाया। वास्तव में, बल्लेबाजों को पता नहीं चलता था कि गेंद अंदर आएगी या बाहर जाएगी। इसलिए, इंग्लिश मीडिया ने लिखा: “England = India minus Zaheer” – यानी इंग्लैंड की हार का सबसे बड़ा कारण जहीर की शानदार गेंदबाजी थी।

2008-2010 – लगातार प्रदर्शन | 2008-2010 – Lagatar Pradarshan

2007 इंग्लैंड दौरे के बाद जहीर भारतीय पेस अटैक के बेताज बादशाह बन गए। दरअसल, 2008 में उन्हें Wisden Cricketer of the Year चुना गया। हालांकि, यह सम्मान भारतीय तेज गेंदबाजों के लिए बहुत बड़ा था। फिर भी, 2008-09 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होम सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। वास्तव में, पहले टेस्ट में बल्ले और गेंद दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच मिला। साथ ही, 2009-10 में भारत टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 बना। इसलिए, जहीर की अहम भूमिका थी।

2004 – नंबर 11 पर 75 रन का रिकॉर्ड | Number 11 Par 75 Run Ka Record

इसके अलावा, 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ जहीर ने नंबर 11 पर बल्लेबाजी करते हुए 75 रन बनाए। दरअसल, यह टेस्ट क्रिकेट में नंबर 11 बल्लेबाज का विश्व रिकॉर्ड था। हालांकि, यह रिकॉर्ड 2012 में वेस्टइंडीज के Tino Best ने तोड़ दिया। फिर भी, यह जहीर की ऑलराउंड क्षमता को दर्शाता था। वास्तव में, जहीर केवल गेंदबाज नहीं, बल्कि उपयोगी निचले क्रम के बल्लेबाज भी थे। इसलिए, टीम के लिए बहुमूल्य खिलाड़ी थे।

2011 विश्व कप – सपनों का सच होना | 2011 World Cup – Sapno Ka Sach Hona

फरवरी-अप्रैल 2011 में भारत में ODI विश्व कप हुआ। दरअसल, यह जहीर के लिए 2003 की विफलता को सुधारने का मौका था। हालांकि, अब वे 32 साल के अनुभवी गेंदबाज थे। फिर भी, रिवर्स स्विंग और नक्कल बॉल में माहिर हो चुके थे। वास्तव में, टूर्नामेंट से पहले जहीर ने कहा, “मैं एक साल से नक्कल बॉल पर काम कर रहा था। मैं इसे टूर्नामेंट से पहले जानबूझकर इस्तेमाल नहीं कर रहा था। इसने मुझे बहुत सफलता दी।” साथ ही, MS धोनी ने उन पर पूरा भरोसा रखा। इसलिए, जहीर भारत के मुख्य हथियार बन गए।

21 विकेट – सर्वाधिक विकेट लेने वाले | 21 Wickets – Sarvaadhik Wicket

इसके अलावा, पूरे टूर्नामेंट में जहीर ने 9 मैचों में 21 विकेट लिए। दरअसल, यह पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी के बराबर था। हालांकि, दोनों संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट लेने वाले बने। फिर भी, जहीर का औसत सिर्फ 18.76 था। वास्तव में, वेस्टइंडीज के खिलाफ ग्रुप मैच में महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही, Devon Smith (81) और Ramnaresh Sarwan ने वेस्टइंडीज को 146/2 पर पहुंचा दिया था। दरअसल, जीत आसान लग रही थी। हालांकि, जहीर ने दूसरी स्पेल में 3/26 लेकर आखिरी 8 विकेट सिर्फ 34 रन में गिरा दिए। इसलिए, भारत ने मैच जीत लिया।

2 अप्रैल 2011 – फाइनल का पहला स्पेल | Final Ka Pehla Spell

इसके अतिरिक्त, 2 अप्रैल 2011 को वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में श्रीलंका के खिलाफ फाइनल हुआ। दरअसल, जहीर के लिए यह 2003 की विफलता का रिडेम्पशन था। हालांकि, श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी चुनी। फिर भी, जहीर ने शानदार शुरुआत की। वास्तव में, पहले 5 ओवर में 3 मेडन फेंके। साथ ही, सिर्फ 6 रन दिए और Upul Tharanga को आउट किया। दरअसल, 10 ओवर बाद श्रीलंका का स्कोर सिर्फ 31/1 था। इसलिए, जहीर ने भारत को शानदार शुरुआत दी।

हालांकि, बाद में Mahela Jayawardene (103*) और Kumar Sangakkara ने पार्टनरशिप बनाई। फिर भी, आखिरी 10 ओवरों में जहीर को चोट लग गई और वे महंगे साबित हुए। वास्तव में, अंतिम स्पेल में 44 रन दिए। साथ ही, श्रीलंका ने 274/6 बनाया। दरअसल, आलोचकों ने जहीर की आखिरी 5 ओवरों की आलोचना की। हालांकि, गौतम गंभीर ने बाद में कहा, “जहीर को मैन ऑफ द मैच मिलना चाहिए था। उनकी शुरुआती गेंदबाजी ने हमें मैच जिताया।” फिर भी, MS धोनी ने 91* बनाकर भारत को जीत दिलाई। वास्तव में, जहीर ने कहा, “8 साल बाद, मेरे फाइनल के पहले स्पेल ने मेरी जिंदगी और किस्मत बदल दी।” इसलिए, यह उनके करियर का सबसे बड़ा पल था।

2011 के बाद – चोटें और संघर्ष | 2011 Ke Baad – Choten Aur Sangharsh

जुलाई 2011 में भारत फिर से इंग्लैंड दौरे पर गया। दरअसल, 4 टेस्ट मैचों की सीरीज थी। हालांकि, पहले टेस्ट के पहले दिन ही जहीर को हैमस्ट्रिंग और एंकल में चोट लग गई। फिर भी, सिर्फ 13.3 ओवर फेंकने के बाद बाहर हो गए। वास्तव में, बाकी पूरे दौरे से बाहर रहे। साथ ही, जहीर के बिना भारत ने सभी 4 टेस्ट और फिर ऑस्ट्रेलिया में सभी 4 टेस्ट हार गए। इसलिए, यह साबित हुआ कि “India = India minus Zaheer” – यानी जहीर के बिना भारतीय गेंदबाजी अटैक बेजान था।

2012-2015 – वापसी की कोशिश | Vapsi Ki Koshish

इसके अलावा, 2011 के बाद चोटें जहीर को परेशान करती रहीं। दरअसल, बार-बार चोट लगना और वापसी करना एक चक्र बन गया। हालांकि, 2014 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन टेस्ट में अपने अंतिम टेस्ट में फाइव-फॉर ली। फिर भी, यह उनकी दृढ़ता का प्रमाण था। वास्तव में, उम्र और चोटों के बावजूद टेस्ट क्रिकेट को बहुत महत्व दिया। साथ ही, अंत में 311 टेस्ट विकेट लेकर कपिल देव के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल तेज गेंदबाज बने। इसलिए, यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी।

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IPL करियर – RCB, MI और DD | IPL Career

2008 IPL की पहली नीलामी में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने जहीर को $450,000 में खरीदा। दरअसल, बेस प्राइस $200,000 थी। हालांकि, RCB ने उन पर दांव लगाया। फिर भी, 2008-2011 तक RCB के लिए खेले। वास्तव में, 2011 में RCB ने उन्हें 4.14 करोड़ में फिर से खरीदा। साथ ही, यह उनके लिए बड़ी रकम थी। इसलिए, IPL में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया।

2014 – मुंबई इंडियंस | Mumbai Indians

इसके अलावा, 2014 IPL सीजन 7 में मुंबई इंडियंस ने जहीर को 2.6 करोड़ में खरीदा। दरअसल, बेस प्राइस 1 करोड़ थी। हालांकि, MI में एक सीजन खेला। फिर भी, 2015 में फिर MI के साथ रहे। वास्तव में, IPL में कुल 100+ विकेट पूरे किए। साथ ही, 38 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने। इसलिए, यह रिकॉर्ड आज भी कायम है।

2015-2017 – दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान | Delhi Daredevils Ke Kaptan

इसके अतिरिक्त, 2015 IPL नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स ने जहीर को खरीदा। दरअसल, 2016 और 2017 में उन्हें कप्तान बनाया गया। हालांकि, टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। फिर भी, जहीर ने नेतृत्व कौशल दिखाया। वास्तव में, 2017 सीजन में IPL इतिहास में 10वें गेंदबाज और 8वें भारतीय बने जिन्होंने 100 विकेट पूरे किए। साथ ही, 38 साल की उम्र में यह उपलब्धि सबसे बड़ी थी। इसलिए, IPL में उनकी विरासत महत्वपूर्ण है।

15 अक्टूबर 2015 – संन्यास की घोषणा | Retirement

15 अक्टूबर 2015 को जहीर ने ट्वीट के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। दरअसल, उन्होंने लिखा, “मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने करियर को अलविदा कहता हूं। मैं IPL 9 के साथ साइन ऑफ करने के लिए उत्सुक हूं।” हालांकि, यह भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान था। फिर भी, 15 साल के शानदार करियर को सम्मान के साथ समाप्त किया। वास्तव में, 92 टेस्ट, 200 ODI और 17 T20I में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही, कुल 610 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए। इसलिए, भारत के महानतम तेज गेंदबाजों में उनका नाम हमेशा रहेगा।

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व्यक्तिगत जीवन – ईशा शर्वानी और सागरिका घाटगे | Vyaktigat Jeevan

2005 में जहीर की मुलाकात अभिनेत्री और नृत्यांगना ईशा शर्वानी से एक पार्टी में हुई। दरअसल, दोनों में तुरंत अच्छे दोस्त बन गए। हालांकि, जल्द ही दोनों में रिश्ता हो गया। फिर भी, 8 साल तक साथ रहे। वास्तव में, 2012 तक मीडिया में रिपोर्ट्स आती रहीं। साथ ही, दोनों ने कभी सार्वजनिक रूप से रिश्ते की पुष्टि नहीं की। दरअसल, 2012 में दोनों अलग हो गए। इसलिए, यह रिश्ता शादी तक नहीं पहुंच पाया।

सागरिका घाटगे से शादी – 2017 | Sagarika Ghatge Se Shaadi

इसके अलावा, 2016 में युवराज सिंह और हेज़ल कीच की शादी में जहीर और सागरिका घाटगे ने पहली बार सार्वजनिक रूप से साथ दिखाई दी। दरअसल, सागरिका एक बॉलीवुड अभिनेत्री हैं। हालांकि, वे “चक दे! इंडिया” फिल्म में अपनी भूमिका के लिए प्रसिद्ध हैं। फिर भी, सागरिका कोल्हापुर के शाही परिवार से हैं। वास्तव में, उनके पूर्वज शाहू महाराज थे। साथ ही, 2017 IPL सीजन के दौरान जहीर ने ट्विटर पर सगाई की घोषणा की। दरअसल, 23 नवंबर 2017 को दोनों ने कोर्ट मैरिज की। इसलिए, करीबी दोस्तों और परिवार के साथ सादगी से शादी की।

बेटा फतेहसिंह – सरोगेसी से | Beta Fatehsinh – Surrogacy Se

इसके अतिरिक्त, जहीर और सागरिका ने सरोगेसी के जरिए अपने बेटे फतेहसिंह खान का स्वागत किया। दरअसल, यह फैसला दोनों ने मिलकर लिया था। हालांकि, सरोगेसी के बारे में पहले कुछ बातें आईं। फिर भी, दोनों ने अपनी निजी जिंदगी को मीडिया से दूर रखने की कोशिश की। वास्तव में, सागरिका अक्सर सोशल मीडिया पर परिवार की तस्वीरें शेयर करती हैं। साथ ही, उनके 1.4 मिलियन इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हैं। इसलिए, दोनों का परिवार खुशहाल है।

Zaheer Khan-commentary-hindispark.in
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संन्यास के बाद – कोच, मेंटर और व्यवसाय | Sannyas Ke Baad

2017 में जहीर को भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच के रूप में घोषित किया गया था। दरअसल, हालांकि बाद में हेड कोच रवि शास्त्री ने उन्हें गेंदबाजी सलाहकार की भूमिका दी। हालांकि, पूर्णकालिक कोच नहीं बने। फिर भी, 2018 में मुंबई इंडियंस के Director of Cricket बने। वास्तव में, 2022 में उन्हें Global Head of Cricket Development में प्रमोट किया गया। साथ ही, अगस्त 2024 से सितंबर 2025 तक Lucknow Super Giants के मेंटर रहे। इसलिए, क्रिकेट प्रबंधन में सक्रिय हैं।

ProSport Fitness & Services | ProSport Fitness

इसके अलावा, 2014 में जहीर ने मुंबई के लोअर परेल में ProSport Fitness & Services जिम और फिजियोथेरेपी सेंटर खोला। दरअसल, यह रिहैबिलिटेशन और ट्रेनिंग सेंटर है। हालांकि, क्रिकेट ट्रेनर Adrian Le Roux और Andrew Leipus को कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त किया। फिर भी, 2016 में नासिक में दूसरा फिटनेस हब खोला। वास्तव में, इंटरव्यू में कहा कि 15 भारतीय शहरों में ऐसे हब खोलने की योजना है। साथ ही, चोटों से जूझते हुए जहीर ने फिटनेस के महत्व को समझा। इसलिए, इस क्षेत्र में कदम रखा।

रेस्टोरेंट – ZK’s, Toss Sports Lounge | Restaurant

इसके अतिरिक्त, 2005 में जहीर ने पुणे में ZK’s नाम का रेस्टोरेंट खोला। दरअसल, बाद में 2013 में Toss Sports Lounge और 2014 में Zaheer Khan’s Dine Fine भी खोले। हालांकि, ये सभी पुणे के NIBM, लुल्ला नगर, कोंढवा इलाके में हैं। फिर भी, भाई अनीस खान इन्हें Zaheer Khan’s Hospitality Private Limited के तहत मैनेज करते हैं। वास्तव में, Chris Gayle जैसे क्रिकेटर्स भी Toss Sports Lounge में देखे गए हैं। साथ ही, यह बिजनेस सफल रहा है। इसलिए, जहीर के पास क्रिकेट के अलावा भी कई उद्यम हैं।

जहीर खान के सम्मान और पुरस्कार | Samman Aur Puraskaar

जहीर को उनकी उपलब्धियों के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले:

वर्ष सम्मान/पुरस्कार
2002 BCCI Cricketer of the Year
2008 Wisden Cricketer of the Year
2011 Arjuna Award (भारत सरकार)
2011 ICC Team of the 2011 ODI World Cup
2011 ICC Test Team of the Year
2015 HT Most Stylish Personality of the Year
2020 Padma Shri (भारत सरकार का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान)

जहीर खान के रिकॉर्ड और उपलब्धियां | Record Aur Uplabdhiyan

जहीर खान के नाम कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड हैं:

रिकॉर्ड/उपलब्धि विवरण
2011 विश्व कप 21 विकेट (संयुक्त सर्वाधिक), औसत 18.76
2007 इंग्लैंड टेस्ट सीरीज 18 विकेट, औसत 20 (मैन ऑफ द सीरीज)
2002 ICC Champions Trophy संयुक्त विजेता (भारत)
टेस्ट विकेट 311 विकेट (92 मैच), औसत 32.94
ODI विकेट 282 विकेट (200 मैच), औसत 29.44
T20I विकेट 17 विकेट (17 मैच)
सर्वश्रेष्ठ टेस्ट आंकड़े 7/87 vs बांग्लादेश (ढाका, 2010)
सर्वश्रेष्ठ ODI आंकड़े 5/42 vs श्रीलंका (2007)
सर्वश्रेष्ठ T20I आंकड़े 4/19 vs दक्षिण अफ्रीका
बल्लेबाजी रिकॉर्ड नंबर 11 पर 75 रन vs बांग्लादेश (2004, तब विश्व रिकॉर्ड)
विश्व कप विकेट 44 विकेट (2003-2011), 9वें स्थान पर
बाएं हाथ के बल्लेबाजों को आउट 237 बार (तीसरे स्थान पर, Muralitharan और Pollock के बाद)
Worcestershire डेब्यू 10 विकेट vs Somerset (100 साल में पहले)
IPL 100 विकेट 38 साल में (सबसे उम्रदराज)
Kapil Dev के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल तेज गेंदबाज

गेंदबाजी शैली – वासिम अकरम की छाया | Bowling Style

जहीर की तुलना अक्सर पाकिस्तान के महान बाएं हाथ के तेज गेंदबाज वासिम अकरम से की जाती थी। दरअसल, दोनों की गेंदबाजी में कई समानताएं थीं। हालांकि, जहीर दोनों दिशाओं में स्विंग करा सकते थे। फिर भी, उनकी खासियत रिवर्स स्विंग थी। वास्तव में, पुरानी गेंद के साथ तेज गति पर रिवर्स स्विंग लेना उनकी विशेषता थी। साथ ही, नक्कल बॉल (Knuckle Ball) में भी महारत हासिल की। इसलिए, बल्लेबाजों के लिए उन्हें खेलना मुश्किल था।

इसके अलावा, जहीर तीनों गेंदों – SG, Duke और Kookaburra – के साथ समान रूप से प्रभावी थे। दरअसल, यह उनकी अनुकूलन क्षमता को दर्शाता था। हालांकि, घरेलू पिचों पर भी उतने ही खतरनाक थे जितने विदेशी मैदानों पर। फिर भी, Graeme Smith, Kumar Sangakkara, Sanath Jayasuriya और Matthew Hayden जैसे बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाजों को 10+ बार आउट किया। वास्तव में, यह उनकी क्षमता का प्रमाण था। साथ ही, मानसिक रूप से बहुत मजबूत थे। दरअसल, बल्लेबाज में कमजोरी दिखते ही बेरहमी से हमला करते थे। इसलिए, वासिम अकरम जितने नहीं तो उनके करीब जरूर थे।

निष्कर्ष | Nishkarsh

जहीर खान की कहानी संघर्ष, दृढ़ता और सफलता की अद्भुत कहानी है। दरअसल, महाराष्ट्र के एक छोटे से शहर से निकलकर भारत के महानतम तेज गेंदबाज बनना कोई आसान काम नहीं था। हालांकि, 2003 विश्व कप फाइनल की विफलता ने उन्हें तोड़ा नहीं। फिर भी, 2006 में Worcestershire में खेलकर अपनी गेंदबाजी को फिर से बनाया। वास्तव में, 2007 इंग्लैंड दौरा और 2011 विश्व कप जीत उनके करियर की चोटियां थीं। साथ ही, 311 टेस्ट विकेट और Kapil Dev के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल तेज गेंदबाज बनना महान उपलब्धि है।

इसके अलावा, जहीर ने भारतीय तेज गेंदबाजी में एक युग स्थापित किया। दरअसल, उन्होंने साबित किया कि भारतीय तेज गेंदबाज विदेशी परिस्थितियों में भी सफल हो सकते हैं। हालांकि, चोटों ने करियर को बाधित किया। फिर भी, हार नहीं मानी। वास्तव में, 2020 में पद्म श्री से सम्मानित होना उनकी सेवाओं का सम्मान था। साथ ही, सागरिका घाटगे से शादी और बेटे फतेहसिंह ने निजी जिंदगी को पूर्ण किया। दरअसल, आज वे मुंबई इंडियंस के साथ क्रिकेट विकास में योगदान दे रहे हैं। इसलिए, जहीर खान की कहानी हर युवा क्रिकेटर के लिए प्रेरणा है!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

  • 1. Zaheer Khan की उम्र क्या है?

    47 वर्ष (जनवरी 2026 तक)। दरअसल, जन्म 7/8 अक्टूबर 1978 को हुआ।

  • 2. जहीर खान ने कितने विकेट लिए?

    311 टेस्ट, 282 ODI, 17 T20I। वास्तव में, कुल 610 अंतरराष्ट्रीय विकेट।

  • 3. 2011 विश्व कप में कितने विकेट लिए?

    21 विकेट (9 मैच)। साथ ही, शाहिद अफरीदी के साथ संयुक्त सर्वाधिक विकेट।

  • 4. 2007 इंग्लैंड दौरे पर क्या किया?

    18 विकेट (3 टेस्ट)। दरअसल, मैन ऑफ द सीरीज और भारत की ऐतिहासिक जीत।

  • 5. जेली बीन्स विवाद क्या था?

    2007 ट्रेंट ब्रिज में। हालांकि, इंग्लिश खिलाड़ियों ने क्रीज पर जेली बीन्स फेंकीं।

  • 6. Worcestershire में कैसा प्रदर्शन किया?

    2006 में 78 विकेट। फिर भी, करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

  • 7. जहीर खान की पत्नी कौन हैं?

    सागरिका घाटगे (अभिनेत्री)। दरअसल, 23 नवंबर 2017 को शादी हुई।

  • 8. पहली गर्लफ्रेंड कौन थीं?

    ईशा शर्वानी (2005-2012)। हालांकि, 8 साल साथ रहे पर शादी नहीं हुई।

  • 9. जहीर खान के कितने बच्चे हैं?

    एक बेटा – फतेहसिंह खान। वास्तव में, सरोगेसी के जरिए।

  • 10. कौन से सम्मान मिले?

    Padma Shri (2020), Arjuna Award (2011), Wisden Cricketer (2008)।

  • 11. वर्तमान में क्या करते हैं?

    Mumbai Indians (Global Head of Cricket Development)। साथ ही, ProSport Fitness के मालिक।

  • 12. IPL में कब 100 विकेट पूरे किए?

    2017, Delhi Daredevils के लिए। दरअसल, 38 साल में (सबसे उम्रदराज)।

  • 13. Kapil Dev के बाद स्थान क्या है?

    दूसरे सबसे सफल भारतीय तेज गेंदबाज। हालांकि, Ishant Sharma के साथ बराबर।

  • 14. नंबर 11 पर कितने रन बनाए?

    75 रन vs बांग्लादेश (2004)। फिर भी, तब विश्व रिकॉर्ड था।

  • 15. जहीर खान के रेस्टोरेंट कहां हैं?

    पुणे में। दरअसल, ZK’s (2005), Toss Sports Lounge (2013), Dine Fine (2014)।

Gagandeep
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